सोमवार, 2 फ़रवरी 2026

आत्मनिर्भर भारत को नई रफ्तार देने वाला केंद्रीय बजट : पारस जैन

गरीब-महिला-किसान-युवा पर केंद्रित बजट, सबका साथ-सबका विकास की झलक

कटनी। केंद्रीय बजट को लेकर भाजपा युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष ने इसे आत्मनिर्भर भारत को नई गति देने वाला बताते हुए कहा कि यह बजट गरीब, महिला, किसान और युवा शक्ति पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में प्रस्तुत यह बजट “सबका साथ–सबका विकास” की भावना को साकार करता है और एक समृद्ध, विकसित भारत की दिशा में मजबूत कदम है।

पारस जैन ने कहा कि बजट में शिक्षा, कृषि, महिला सशक्तिकरण, कर सुधार और बुनियादी ढांचे को समान रूप से प्राथमिकता दी गई है। उच्च शिक्षा में निवेश बढ़ाते हुए नए संस्थान, विश्वविद्यालय टाउनशिप, बालिका छात्रावास और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रस्ताव युवाओं और बेटियों के भविष्य को मजबूत करेंगे। उन्होंने विशेष रूप से हर जिले में बालिका छात्रावास की घोषणा को ऐतिहासिक बताया।

कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल
नारियल संवर्धन योजना के माध्यम से उत्पादन व उत्पादकता बढ़ाने, बेकार पेड़ों के स्थान पर नई किस्मों के रोपण और काजू–कोको के लिए विशेष कार्यक्रम से भारत को 2030 तक प्रीमियम ग्लोबल ब्रांड बनाने का लक्ष्य रखा गया है। “भारत विस्तार” नामक बहुभाषी एआई टूल से किसानों को कृषि संसाधनों, पोर्टलों और आईसीएआर की तकनीकों तक एकीकृत पहुंच मिलेगी।

पर्यावरण और अवसंरचना
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर सहित पूर्वी व पश्चिमी घाटों में पारिस्थितिक रूप से टिकाऊ पर्वतीय मार्ग विकसित करने तथा ओडिशा, कर्नाटक और केरल में कछुआ प्रजनन स्थलों व मार्गों के विकास से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।

कर सुधार और राहत
मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण से प्राप्त ब्याज को आयकर से छूट और टीडीएस समाप्त करने का निर्णय आम नागरिकों के लिए राहतकारी है। आईटीआर-1 व आईटीआर-2 में 31 जुलाई तक रिटर्न दाखिल करने की सुविधा, छोटी त्रुटियों पर सजा की जगह शुल्क, और आय छुपाने पर अतिरिक्त टैक्स जैसे प्रावधान छोटे करदाताओं की समस्याएं कम करेंगे। एलआरएस के तहत शिक्षा व चिकित्सा के लिए टीसीएस दर 5% से घटाकर 2% करना भी महत्वपूर्ण कदम है।

राज्यों को सशक्त वित्तीय हिस्सेदारी
16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार राज्यों को 41% हिस्सेदारी बरकरार रखते हुए वित्त वर्ष 2026-27 में 14 लाख करोड़ रुपये का आवंटन संघीय ढांचे को मजबूत करेगा।

महिला उद्यमिता और बैंकिंग सुधार
एसएचई (Self-help Entrepreneur) मार्क्स के जरिए महिला उद्यमियों को कम्युनिटी-स्वामित्व वाली खुदरा दुकानों से जोड़ा जाएगा। बैंकिंग क्षेत्र की व्यापक समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय समिति और सार्वजनिक क्षेत्र के एनबीएफसी के पुनर्गठन से वित्तीय दक्षता बढ़ेगी।

महंगाई–राहत की तस्वीर
सोलर से जुड़ी वस्तुएं, जूते, बैटरी, माइक्रोवेव ओवन, बायोगैस मिश्रित सीएनजी, कैंसर से जुड़ी 17 दवाइयां और 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाइयां सस्ती होंगी। वहीं शराब, स्क्रैप और तंबाकू उत्पाद महंगे होंगे।

अंत में पारस जैन ने कहा कि यह बजट आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को जमीन पर उतारने वाला है और हर वर्ग के विकास के लिए संतुलित, दूरदर्शी रोडमैप प्रस्तुत करता है।

शुक्रवार, 30 जनवरी 2026

ढीमरखेड़ा पुलिस का गांजा तस्करों पर शिकंजा, दो तस्कर गिरफ्तार

कटनी। जिले में अवैध जुआ, सट्टा, शराब एवं मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत ढीमरखेड़ा पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने गांजा तस्करी करते हुए दो आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 2 किलो 80 ग्राम अवैध गांजा तथा एक मोटरसाइकिल जब्त की है।

थाना प्रभारी निरीक्षक अभिषेक चौबे के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई।


पुलिस के अनुसार, ग्राम पिंडरई मोड़ के पास नहर किनारे दो संदिग्ध युवक हीरो एचएफ डीलक्स (काले रंग) की मोटरसाइकिल से मादक पदार्थ का परिवहन कर रहे थे। पुलिस को देखकर दोनों घबरा गए और भागने का प्रयास करने लगे, लेकिन घेराबंदी कर उन्हें दबोच लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम संदीप कुमार कोरी (32 वर्ष) निवासी ग्राम नैगवां थाना उमरियापान एवं परमेश्वर उर्फ छोटू पटेल (40 वर्ष) निवासी करही थाना उमरियापान बताए।

तलाशी के दौरान मोटरसाइकिल पर रखे सफेद-काले-गुलाबी रंग के बैग से 2 किलो 80 ग्राम गांजा बरामद किया गया। मौके पर ही मादक पदार्थ की जप्ती कर प्रकरण में प्रयुक्त मोटरसाइकिल क्रमांक MP 20 NU 8316 को जब्त किया गया। दोनों आरोपियों के विरुद्ध धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जिला जेल झिंझरी भेज दिया गया है।

इस सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक अभिषेक चौबे, सउनि सुरेश, सउनि जयपाल सिंह, सउनि संतोष विश्वकर्मा, आर. 608 पंकज सिंह, आर. 730 डुमनदास एवं आर. 774 गंधर्व की सराहनीय भूमिका रही।

पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नशे के सौदागरों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और किसी भी कीमत पर जिले को नशामुक्त करने का प्रयास जारी रहेगा।

कटनी में राष्ट्रीय ध्वज अपमान पर कड़ी कार्रवाई , गणतंत्र दिवस पर कटा-फटा तिरंगा फहराने वाला शिक्षक निलंबित

कटनी। राष्ट्रीय ध्वज के अपमान के गंभीर मामले में जिला शिक्षा अधिकारी राजेश अग्रहरी ने कड़ा कदम उठाते हुए विकासखंड बहोरीबंद के शासकीय प्राथमिक शाला अमाड़ी में पदस्थ सहायक शिक्षक राकेश श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई विकासखंड शिक्षा अधिकारी बहोरीबंद द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन के आधार पर की गई।

जांच में सामने आया कि 26 जनवरी 2026, गणतंत्र दिवस के अवसर पर शाला प्रभारी सहायक शिक्षक श्रीवास्तव द्वारा विद्यालय परिसर में कटा-फटा राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया, जो कि भारतीय ध्वज संहिता, 2002 का स्पष्ट उल्लंघन है। जिला शिक्षा अधिकारी ने इस कृत्य को घोर लापरवाही और अनुशासनहीनता मानते हुए इसे मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के तहत कदाचरण की श्रेणी में रखा है।

उक्त तथ्यों के आधार पर श्रीवास्तव को म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के उपनियम 09 के अंतर्गत निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी, बहोरीबंद निर्धारित किया गया है। इस अवधि में वे नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त करने के पात्र होंगे।

प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि राष्ट्रीय प्रतीकों के अपमान पर किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

कटनी : रात्रि कॉम्बिंग गश्त बेअसर? अपराधियों में पुलिस का खौफ खत्म!

पुलिस वाहन डायल 112 पर पथराव, कानून व्यवस्था को खुली चुनौती

कटनी। जिले के बड़वारा थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्राम खहरटा में बीती रात डायल 112 पुलिस वाहन पर उपद्रवियों ने पथराव कर दिया, जिससे वाहन का अगला शीशा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। हैरानी की बात यह है कि यह हमला उस वक्त किया गया, जब पुलिस टीम विवाद सुलझाकर शांति स्थापित कर वापस लौट रही थी।

घटना ने साफ कर दिया है कि पुलिस की तत्परता के बावजूद अपराधियों के हौसले बुलंद हैं, और खाकी की मौजूदगी भी अब उन्हें रोकने में नाकाम साबित हो रही है।

सिगरेट न मिलने पर बवाल, फिर खाकी पर हमला

जानकारी के अनुसार, घटना की शुरुआत एक मामूली सिगरेट विवाद से हुई। स्थानीय किराना दुकानदार हरिहर गुप्ता ने बताया कि रात करीब 10 बजे, दुकान बंद होने के बाद अंकित बर्मन अपने साथियों के साथ सिगरेट मांगने पहुंचा। दुकान बंद होने की बात कहने पर युवक भड़क गए और शटर पर जोर-जोर से पीटने लगे। स्थिति बिगड़ती देख दुकानदार को खुद को दुकान के भीतर बंद करना पड़ा।


112 को बुलाया, फिर खुद ही पुलिस पर पत्थर बरसाए

सिगरेट न मिलने से बौखलाए अंकित बर्मन ने ही डायल 112 पर कॉल कर पुलिस बुला ली। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने दोनों पक्षों को समझाइश देकर मामला शांत कराया।

लेकिन जैसे ही डायल 112 वाहन गांव से बाहर निकला, पहले से घात लगाए बैठे युवकों ने अचानक पथराव शुरू कर दिया।

इस हमले में डायल 112 का अगला कांच चकनाचूर हो गया। गनीमत रही कि पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए।

तीन आरोपी हिरासत में, पूछताछ जारी

पुलिस पर हमले की सूचना मिलते ही शुक्रवार सुबह बड़वारा पुलिस ने गांव में दबिश देकर

🔹 लव सिंह

🔹 अंशुल सिंह

🔹 अंकित बर्मन

को हिरासत में ले लिया। तीनों से सख्ती से पूछताछ की जा रही है।

थाना प्रभारी के.के. पटेल ने कहा कि, “पुलिस वाहन पर पथराव गंभीर अपराध है। घटना के हर पहलू की जांच की जा रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

कॉम्बिंग गश्त पर सवाल, अपराधियों में बढ़ता दुस्साहस

सबसे बड़ा सवाल यह है कि रात्रि में जिलेभर में कॉम्बिंग गश्त और पुलिस की सड़कों पर मौजूदगी के बावजूद अपराधियों के हौसले इतने बुलंद क्यों हैं?

जब शांति बहाल कर लौट रही पुलिस पर ही हमला हो जाए, तो आम जनता की सुरक्षा को लेकर चिंता स्वाभाविक है।

यह घटना स्पष्ट संकेत देती है कि अपराधियों में कानून का डर तेजी से खत्म हो रहा है। अगर अब भी कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो हालात और अधिक बेकाबू हो सकते हैं।

अब देखना होगा कि खाकी इस चुनौती का जवाब कितनी सख्ती से देती है।

गुरुवार, 29 जनवरी 2026

रेत के टीले ने ली मासूम की जान, बहिरघटा में दर्दनाक हादसा, खेलते समय धसका रेत का पहाड़, 5 वर्षीय बच्ची की दम घुटने से मौत, गांव में मातम

कटनी।बरही थाना क्षेत्र के ग्राम बहिरघटा में बुधवार शाम एक हृदयविदारक हादसे ने पूरे गांव को गम में डुबो दिया। उमरार नदी के किनारे खेल रही 5 वर्षीय मासूम बच्ची पर अचानक रेत का विशाल टीला धसक गया। देखते ही देखते बच्ची रेत में दफन हो गई और दम घुटने से उसकी दर्दनाक मौत हो गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मृत बच्ची की पहचान निशा केवट (5), पिता मिथुन केवट, निवासी ग्राम बहिरघटा के रूप में हुई है। बुधवार शाम करीब 7 बजे निशा अपने साथियों के साथ नदी किनारे खेल रही थी। इसी दौरान नदी तट पर जमा रेत का बड़ा और अस्थिर टीला अचानक भरभराकर ढह गया, जिसकी चपेट में आकर निशा पूरी तरह रेत के नीचे दब गई।

हादसा इतना अचानक था कि साथ खेल रहे बच्चे कुछ समझ पाते, उससे पहले ही मासूम रेत के नीचे समा चुकी थी। बच्चों की चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों और परिजनों ने जान की बाज़ी लगाकर रेत हटाई और बच्ची को बाहर निकाला। आनन-फानन में उसे बरही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। चिकित्सकों ने जांच के बाद बच्ची को मृत घोषित कर दिया।


मासूम की मौत की खबर मिलते ही अस्पताल परिसर में कोहराम मच गया। मां-बाप की चीखें सुन हर आंख नम हो गई। वहीं, इस दर्दनाक घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।

घटना की सूचना मिलते ही बरही थाना पुलिस मौके पर पहुंची। अस्पताल से प्राप्त मेमो के आधार पर पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।

यह हादसा नदी किनारे फैले असुरक्षित रेत के ढेरों और लापरवाह व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है, जो कभी भी किसी और मासूम की जिंदगी छीन सकते हैं।

महिला को जिंदा जलाने की साजिश नाकाम, पेट्रोल डालकर आग लगाने वाले तीन आरोपी 24 घंटे में गिरफ्तार

कटनी। महिला पर पेट्रोल डालकर आग लगाने की सनसनीखेज घटना में बड़वारा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन फरार आरोपियों को मात्र 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने पुरानी रंजिश के चलते पीड़िता को जिंदा जलाने का प्रयास किया था।

पीड़िता 50 वर्षीय संतरा बाई पति दुर्जन कोल, निवासी ग्राम छःघरा मझगंवा, ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि 28 जनवरी 2026 की रात करीब 1 बजे गांव के राज रैकवार एवं मोनू रैकवार उसके दामाद देवीदीन को घर के बाहर गाली-गलौज कर रहे थे। विरोध करने पर दोनों आरोपी उग्र हो गए। इसी दौरान भोला कोल भी मौके पर पहुंच गया। तीनों ने मिलकर पीड़िता को जान से मारने की नीयत से उसके मुंह में पेट्रोल डालकर आग लगाने का प्रयास किया, जिससे उसके चेहरे पर गंभीर जलन आई।


घटना के समय शोर सुनकर परिजन बाहर आए, तब आरोपी मौके से फरार हो गए। घायल महिला को तत्काल जिला अस्पताल कटनी में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है।

पीड़िता की शिकायत पर थाना बड़वारा में धारा 296(बी), 109(1), 3(5) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। मुखबिर तंत्र एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने सघन तलाश कर 24 घंटे के भीतर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि पीड़िता के दामाद से पुरानी रंजिश के चलते उन्होंने इस जानलेवा हमले को अंजाम दिया।

इस त्वरित कार्रवाई में थाना प्रभारी उनि. के.के. पटेल, सउनि रामनाथ साकेत, सउनि सतेंद्र सिंह, आरक्षक दीपक सिंह, आरक्षक बृजलाल प्रजापति एवं आरक्षक चालक शिवप्रकाश तिवारी की सराहनीय भूमिका रही।

बीच-बचाव करना पड़ा भारी, मुंह में भरा पेट्रोल, चेहरे पर उड़ेला और माचिस जलाकर दिया आग के हवाले

कटनी। बड़वारा थाना क्षेत्र के मझगवां छघरा गांव में मंगलवार देर रात इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली वारदात सामने आई है। जमीन विवाद और आपसी झगड़े के बीच-बचाव में पहुंची करीब 50 वर्षीय महिला को पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया गया। महिला गंभीर रूप से झुलस गई है और जिला अस्पताल कटनी में जिंदगी से जंग लड़ रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार संतरा बाई पति दुर्जन कोल (55) मंगलवार रात करीब 1 बजे अपने घर पर थीं। तभी मोहल्ले का भोला कोल अपने साथियों के साथ वहां पहुंचा और पुराने जमीन विवाद को लेकर गाली-गलौज शुरू कर दी। विवाद बढ़ते ही आरोपी ने दरिंदगी की सारी हदें पार कर दीं।

आरोपी भोला कोल ने बोतल से पेट्रोल मुंह में भरा और सीधे महिला के चेहरे पर छिड़क दिया, इसके बाद माचिस जलाकर उसे आग के हवाले कर दिया। अचानक लगी आग से महिला चीखती-चिल्लाती रही। आग की लपटें और चीख-पुकार सुनकर घर के अंदर सो रही बहू बाहर दौड़ी, लेकिन तब तक आरोपी मौके से फरार हो चुका था।

परिजनों ने किसी तरह आग बुझाई और गंभीर हालत में संतरा बाई को जिला अस्पताल कटनी पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है।

दामाद से झगड़ा बना हमले की वजह

पुलिस के अनुसार आरोपी भोला कोल, मोनू रैकवार और राज रैकवार एक ही कंपनी में पीड़िता के दामाद देवीदीन के साथ काम करते हैं। एक दिन पहले काम के दौरान दामाद से इनका विवाद हुआ था। उसी रंजिश में आरोपी रात को घर पहुंचे और झगड़ा करने लगे। शोर सुनकर संतरा बाई बीच-बचाव करने पहुंची, तभी उसे निशाना बना लिया गया।

घटना की सूचना मिलते ही बड़वारा थाना पुलिस जिला अस्पताल पहुंची। पीड़िता के बयान दर्ज किए गए, वहीं तहसीलदार रामहर्ष टेके ने भी महिला के कथन लिए हैं।

मुख्य आरोपी फरार, हत्या के प्रयास का केस

थाना प्रभारी केके पटेल ने बताया कि पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया जा रहा है। पीड़िता की बहू ने आरोप लगाया है कि यह हमला साजिश के तहत हत्या के इरादे से किया गया

घटना का मुख्य आरोपी भोला कोल (30) फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। वहीं मोनू रैकवार (25) और राज रैकवार (28) से पूछताछ जारी है। पुलिस का दावा है कि फरार आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

एक महिला को जिंदा जलाने की यह घटना क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का कारण बन गई है।

बुधवार, 28 जनवरी 2026

वाहन फिटनेस के नाम पर षड्यंत्र, आंदोलन की चेतावनी, कटनी में सुविधा बंद, जबलपुर–सतना दौड़ने को मजबूर वाहन चालक

कटनी। केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई नई वाहन फिटनेस व्यवस्था ने रोज़ कमाने–खाने वाले वाहन चालकों और परिवहन व्यवसाय से जुड़े हजारों लोगों की कमर तोड़ दी है। लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी ने इस व्यवस्था को गरीब और मध्यम वर्ग के खिलाफ सोचा-समझा षड्यंत्र बताते हुए कटनी जिले में ही वाहन फिटनेस की सुविधा तत्काल शुरू करने की मांग की है।

पार्टी के अनुसार जिला परिवहन कार्यालय में मैनुअल फिटनेस व्यवस्था पूरी तरह बंद कर दी गई है, जबकि कटनी में अब तक ऑटोमेटेड फिटनेस टेस्टिंग स्टेशन शुरू नहीं हो सका। नतीजतन, जिले के वाहन मालिकों को अपने वाहनों की फिटनेस कराने के लिए करीब 100 किलोमीटर दूर जबलपुर और सतना भटकना पड़ रहा है। इससे न केवल समय की बर्बादी हो रही है, बल्कि ईंधन, किराया और अन्य खर्चों के कारण आर्थिक बोझ भी कई गुना बढ़ गया है।

इस अव्यवस्थित फैसले का सबसे ज्यादा असर ऑटो, ई-रिक्शा, टैक्सी, बस, ट्रक, डंपर और अन्य मालवाहक वाहनों पर पड़ा है। रोज़मर्रा की कमाई पर निर्भर चालकों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी ने सरकार से स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि कटनी जिले में ही वाहन फिटनेस की व्यवस्था शीघ्र शुरू नहीं की गई, तो वाहन मालिकों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। पार्टी ने चेतावनी दी है कि इस लड़ाई में जिले के हजारों वाहन चालक और परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोग सड़कों पर उतरेंगे।

पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विन्देश्वरी पटेल ने कहा कि सरकार की यह नीति जनविरोधी है और इसे तुरंत वापस लेते हुए जिले स्तर पर फिटनेस सुविधा बहाल की जाए, ताकि गरीब और मेहनतकश वर्ग को राहत मिल सके।

संगठन ने फिर जताया भरोसा, सौम्या राँधेलिया पुनः बनीं भारतीय युवा कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता

कटनी। भारतीय युवा कांग्रेस में यंग इंडिया के बोल प्रतियोगिता के माध्यम से चयनित राष्ट्रीय प्रवक्ता सौम्या राँधेलिया को उनके उत्कृष्ट कार्य, सक्रिय भूमिका और संगठन के प्रति निष्ठा को देखते हुए एक बार फिर राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद पर नियुक्त किया गया है।

यह नियुक्ति भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रभारी मनीष शर्मा, राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु, राष्ट्रीय महासचिव निगम भंडारी एवं रोशनी जयसवाल द्वारा की गई। शीर्ष नेतृत्व ने सौम्या राँधेलिया के कार्यों की सराहना करते हुए उन पर पुनः विश्वास व्यक्त किया है।


सौम्या राँधेलिया की इस पुनर्नियुक्ति पर कटनी जिले के समस्त कांग्रेसजनों में हर्ष और उत्साह का वातावरण है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसे जिले के लिए गर्व का विषय बताते हुए शुभकामनाएं दीं और आशा जताई कि वे आगे भी संगठन की सशक्त आवाज़ बनकर राष्ट्रीय मंच पर पार्टी की बात मजबूती से रखेंगी।

पेंशन निकलवाने आए बुज़ुर्ग को बिना पेंशन ही आई मौत, SBI बैंक से जिला अस्पताल भेजा गया शव

कटनी। जिले के झिंझरी क्षेत्र में रहने वाले 68 वर्षीय बुज़ुर्ग पेंशन निकालने के लिए अपने पड़ोसी के साथ भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की मुख्य शाखा पहुँचे थे। पेंशन के सहारे जीवन चलाने आए बुज़ुर्ग को बैंक से बिना पेंशन ही मौत ने आ घेरा। बैंक परिसर में बैठे-बैठे अचानक उनकी मृत्यु हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बुज़ुर्ग पेंशन भुगतान के लिए काफी देर से बैंक में बैठे हुए थे। अचानक उन्हें अचेत अवस्था में देखा गया। जब तक लोग कुछ समझ पाते और सहायता मिलती, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। घटना के बाद बैंक परिसर में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

घटना की जानकारी मिलते ही परिजन बैंक पहुँचे। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया, जहाँ आगे की कार्रवाई की जा रही है। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुँची और मामले की जांच शुरू की गई।

पेंशन निकालने आए बुज़ुर्ग की इस तरह बैंक परिसर में मौत ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए बैंकिंग व्यवस्था, प्राथमिक सुविधा और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतज़ार किया जा रहा है, जिसके बाद ही मृत्यु के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे।


मंगलवार, 27 जनवरी 2026

जय श्री राम के उद्घोष से गूंज उठा रोशन नगर , हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में निकली भव्य शोभायात्रा

कटनी।हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी शिव शक्ति राम मंदिर, एसकेपी में आस्था और भक्ति का भव्य संगम देखने को मिला। भगवान राम दरबार की ग्यारहवीं वर्षगांठ, शनि देव की द्वितीय वर्षगांठ एवं भगवान परशुराम की प्रथम वर्षगांठ के पावन अवसर पर दो दिवसीय धार्मिक आयोजन श्रद्धा और उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ।

आयोजन के अंतर्गत 25 जनवरी 2026 को मंदिर परिसर में अखंड रामचरितमानस पाठ का शुभारंभ किया गया। वहीं 26 जनवरी 2026 को समापन अवसर पर विधिवत हवन-पूजन संपन्न हुआ। इसके पश्चात विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल एवं शिव शक्ति राम मंदिर रामायण मंडल के संयुक्त तत्वावधान में विशाल शोभायात्रा निकाली गई।


शोभायात्रा मंदिर परिसर से प्रारंभ होकर रोशन नगर के विभिन्न मार्गों से होती हुई पुनः मंदिर में आकर सम्पन्न हुई। यात्रा के दौरान जय श्रीराम के गगनभेदी उद्घोष से संपूर्ण क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया। ढोल-नगाड़ों की गूंज, भगवा ध्वजों की शान और आकर्षक झांकियों के बीच श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

कार्यक्रम के समापन पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन को सफल बनाने में मंदिर समिति, रामायण मंडल के सदस्यों तथा नगरवासियों का सराहनीय योगदान रहा।

शिक्षा के मंदिर में तिरंगे का अपमान, फटा ध्वज फहराकर राष्ट्र की गरिमा को ठेस

कटनी।बाकल शिक्षा केंद्र अंतर्गत शासकीय माध्यमिक शाला अमाड़ी में गणतंत्र दिवस जैसे पावन राष्ट्रीय पर्व पर ऐसा कृत्य सामने आया है, जिसने पूरे क्षेत्र को शर्मसार कर दिया है। विद्यालय परिसर में क्षतिग्रस्त, फटा-पुराना तिरंगा फहराए जाने से ग्रामीणों, अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, विद्यालय के शाला प्रभारी राकेश श्रीवास्तव द्वारा घोर लापरवाही बरतते हुए राष्ट्रीय ध्वज का अपमान किया गया। बताया जा रहा है कि ध्वजारोहण के दौरान तिरंगा स्पष्ट रूप से फटा और जर्जर अवस्था में था, इसके बावजूद उसे फहराया गया।


राष्ट्रीय ध्वज केवल कपड़े का टुकड़ा नहीं, बल्कि देश की अस्मिता, स्वाभिमान और बलिदान का प्रतीक है। ऐसे में गणतंत्र दिवस जैसे ऐतिहासिक अवसर पर उसकी इस प्रकार अवहेलना को ग्रामीणों ने अमानवीय, असंवेदनशील और राष्ट्र की भावना को ठेस पहुँचाने वाला कृत्य बताया है।

घटना की जानकारी मिलते ही अभिभावकों ने कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि जब बच्चों को देशभक्ति और राष्ट्र सम्मान का पाठ पढ़ाने वाले ही तिरंगे का अपमान करेंगे, तो आने वाली पीढ़ी को क्या संदेश जाएगा। ग्रामीणों ने मामले में शिक्षा विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

सूत्रों की मानें तो यह मामला राष्ट्रीय ध्वज संहिता का सीधा उल्लंघन है, जिस पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है। अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग इस गंभीर लापरवाही पर क्या रुख अपनाता है या फिर मामला फाइलों में ही दबकर रह जाएगा।

सोमवार, 26 जनवरी 2026

ड्यूटी से नदारद, निजी क्लिनिक में सक्रिय! SECL के डॉक्टर पर नियम तोड़ने के गंभीर आरोप

कोतमा। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के जामुना कोटतमा क्षेत्र में पदस्थ एक चिकित्सक पर ड्यूटी से गायब रहकर निजी प्रैक्टिस करने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि संबंधित डॉक्टर पिछले करीब सात महीनों से छुट्टियों की आड़ लेकर अपने पूर्व पदस्थापन क्षेत्र सोहागपुर में दो से तीन स्थानों पर खुलेआम निजी इलाज कर रहा है, जबकि जमुना कोतमा क्षेत्रीय अस्पताल में उसकी उपस्थिति नाममात्र की रही।

यह मामला केंद्र सरकार के CCS Conduct Rules, 1964 का खुला उल्लंघन बताया जा रहा है, जिसमें सरकारी सेवा में रहते हुए निजी प्रैक्टिस पर स्पष्ट प्रतिबंध है। इसके बावजूद नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाए जाने का आरोप लग रहा है।

सूत्रों के अनुसार, जमुना कोतमा जैसे दूरस्थ और संवेदनशील कोयला क्षेत्र में पहले से ही डॉक्टरों की भारी कमी है। ऐसे में एक पदस्थ डॉक्टर का लगातार अनुपस्थित रहना कोयला मजदूरों और उनके परिवारों की जान से सीधा खिलवाड़ माना जा रहा है। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि कई बार आपात स्थिति में मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल सका।


स्थानीय नागरिकों और कर्मचारियों का कहना है कि संबंधित डॉक्टर सोहागपुर क्षेत्र में नियमित रूप से निजी क्लिनिकों और अस्पतालों में उपलब्ध रहता है, जिससे यह संदेह और गहराता है कि छुट्टियों का उपयोग निजी लाभ के लिए किया जा रहा है।

बताया गया है कि इस पूरे मामले की लिखित शिकायत नवंबर–दिसंबर 2025 में ही SECL बिलासपुर मुख्यालय, जमुना कोतमा क्षेत्रीय प्रबंधन एवं चिकित्सा अधीक्षक को सौंपी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या नियम केवल कागज़ों तक सीमित हैं?

नाम न छापने की शर्त पर एक शिकायतकर्ता ने कहा,
"हम बार-बार अधिकारियों को अवगत कराते रहे, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला। अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो किसी बड़ी अनहोनी की जिम्मेदारी कौन लेगा?"

SECL की सेवा शर्तों के अनुसार, इस तरह की अनियमितता पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस, निलंबन और विभागीय जांच का प्रावधान है। इसके बावजूद कार्रवाई न होना प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।

यह प्रकरण न केवल SECL की स्वास्थ्य सेवाओं की विश्वसनीयता को कठघरे में खड़ा करता है, बल्कि ईमानदार अधिकारियों और कर्मचारियों के मनोबल को भी चोट पहुंचाता है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कोल इंडिया लिमिटेड और SECL प्रबंधन कब तक इस मामले पर आंखें मूंदे रखता है, या फिर दोषियों पर निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई कर मजदूरों के स्वास्थ्य की रक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

जिलेभर में हर्षोल्लास से मनाया गया 77वां गणतंत्र दिवस

जिलेभर में हर्षोल्लास से मनाया गया 77वां गणतंत्र दिवस

आन-बान-शान से लहराया तिरंगा, विकास और देशभक्ति का दिखा भव्य संगम

कटनी (26 जनवरी)। राष्ट्र का 77वां गणतंत्र दिवस जिलेभर में हर्षोल्लास, उत्साह और देशभक्ति के जज्बे के साथ धूमधाम से मनाया गया। जिले का मुख्य समारोह झिंझरी स्थित पुलिस लाइन मैदान में आयोजित किया गया, जहां मुख्य अतिथि कलेक्टर आशीष तिवारी ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली।

कलेक्टर तिवारी एवं पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने खुली सफेद जिप्सी में परेड का निरीक्षण किया। इसके पश्चात कलेक्टर ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के गणतंत्र दिवस संदेश का वाचन किया। समारोह के दौरान सशस्त्र बलों द्वारा हर्ष फायर किए गए तथा राष्ट्रधुन का वादन हुआ।


कलेक्टर तिवारी ने उत्साह और एकता के प्रतीक तिरंगे के तीन रंगों के गुब्बारे मुक्त आकाश में छोड़े। इसके बाद आकर्षक मार्च पास्ट का आयोजन हुआ, जिसमें विशेष सशस्त्र पुलिस बल, जिला पुलिस बल (पुरुष एवं महिला), जिला होमगार्ड बल, एनसीसी एवं विभिन्न विद्यालयों के प्लाटून शामिल रहे।
परेड का नेतृत्व परेड कमांडर श्रीमती संध्या राजपूत ने किया, जबकि सेकंड इन कमांडर संजीव रावत रहे। मार्च पास्ट के उपरांत मुख्य अतिथि ने परेड कमांडरों से परिचय प्राप्त किया।


12 विभागों की विकास झांकियां बनीं आकर्षण का केंद्र

मुख्य समारोह में राज्य शासन के 12 विभागों द्वारा विकास कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित भव्य झांकियां निकाली गईं। इनमें कृषि कल्याण एवं कृषि विकास, जिला पंचायत, उद्योग विभाग, नगर निगम, वन विभाग, पुलिस विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, महिला एवं बाल विकास, आदिम जाति कल्याण, स्वास्थ्य विभाग, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण तथा पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग की झांकियां शामिल रहीं।

झांकी प्रतियोगिता में जिला पंचायत कटनी को प्रथम, नगर निगम कटनी को द्वितीय एवं कृषि विभाग को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।



सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

सांस्कृतिक कार्यक्रमों में 9 विद्यालयों—एसीसी कैल्ड्रीज स्कूल, कन्या शिक्षा परिसर, डीपीएस स्कूल, वार्ड्सले इंग्लिश मीडियम स्कूल, नेचर्स स्कूल, एनकेजे स्कूल, समक्ष छात्रावास (सीडब्ल्यूएसएन हॉस्टल) प्रेमनगर एवं सांदीपनी विद्यालय—के छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति से ओत-प्रोत मनमोहक प्रस्तुतियां दीं।

सांस्कृतिक प्रतियोगिता में डीपीएस स्कूल कटनी ने प्रथम, कन्या शिक्षा परिसर ने द्वितीय एवं एसीसी कैल्ड्रीज स्कूल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
वहीं परेड प्रतियोगिता में जिला पुलिस बल महिला प्रथम, जिला पुलिस बल पुरुष द्वितीय एवं विशेष सशस्त्र पुलिस बल कटनी तृतीय स्थान पर रहा।


67 शासकीय कर्मी व 5 समाजसेवी सम्मानित

मुख्य समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 67 शासकीय कर्मियों एवं 5 समाजसेवियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इनमें जिला पंचायत, स्वास्थ्य विभाग, लोक सेवा प्रबंधन, महिला एवं बाल विकास, कलेक्टर कार्यालय, पुलिस विभाग, वन विभाग के कर्मचारी एवं समाजसेवी शामिल रहे।


जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति

समारोह में मुड़वारा विधायक संदीप जायसवाल, महापौर प्रीति संजीव सूरी, जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर, वन मंडलाधिकारी गर्वित गंगवार, जिला भाजपा अध्यक्ष दीपक टंडन सोनी, नगर निगम अध्यक्ष मनीष पाठक, पूर्व महापौर शशांक श्रीवास्तव सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

रविवार, 25 जनवरी 2026

नई आशंकाओं को जन्म दे रहे हैं UGC के नए प्रावधान, सांसद प्रतिनिधि की पोस्ट से मचा सियासी भूचाल

UGC जैसे नियमों पर भाजपा के भीतर उठी असहज आवाज, क्या शान्त होगा सवाल या खड़ा होगा बड़ा विवाद?

शहडोल/कटनी । विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की तर्ज पर बनाए गए नए नियमों को लेकर भले ही विपक्ष लगातार सरकार को घेरता रहा हो, लेकिन अब इस मुद्दे पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के भीतर से उठी आवाज ने राजनीतिक हलकों में नई हलचल पैदा कर दी है। शहडोल लोकसभा सांसद की प्रतिनिधि पदमेश गौतम द्वारा सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी ने यह संकेत दे दिया है कि शिक्षा नीति को लेकर पार्टी के अंदर भी पूरी सहमति नहीं है।

पदमेश गौतम ने अपने पोस्ट में भाजपा के मूल नारे “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” का उल्लेख करते हुए सवाल खड़ा किया कि क्या UGC जैसे नए नियम वास्तव में समाज में विश्वास बढ़ा रहे हैं या फिर अनजाने में नई आशंकाओं को जन्म दे रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा सुधार की प्रक्रिया में कोई भी वर्ग यदि स्वयं को हाशिए पर महसूस करता है, तो यह केवल प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि सामाजिक चेतावनी है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह पोस्ट केवल एक व्यक्तिगत राय नहीं, बल्कि पार्टी के भीतर पनप रही उस बेचैनी की अभिव्यक्ति है, जो लंबे समय से शिक्षा और आरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दों को लेकर दबे स्वर में चल रही थी। खास बात यह है कि यह सवाल किसी विपक्षी नेता ने नहीं, बल्कि भाजपा से जुड़े एक जिम्मेदार पदाधिकारी ने सार्वजनिक मंच पर उठाया है, जिससे पार्टी नेतृत्व की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है।

अब बड़ा सवाल यह है कि भाजपा नेतृत्व इस अंदरखाने उठी आवाज को कैसे शांत करेगा? सूत्रों के मुताबिक पार्टी इस मुद्दे को फिलहाल संगठनात्मक अनुशासन के दायरे में रखने की कोशिश कर सकती है। संभव है कि इसे “व्यक्तिगत विचार” बताकर औपचारिक बयान से किनारा किया जाए, ताकि मामला ज्यादा तूल न पकड़े। साथ ही, शीर्ष नेतृत्व द्वारा आंतरिक संवाद के जरिए असंतोष को शांत करने का प्रयास भी किया जा सकता है।

हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यदि ऐसे सवालों को नजरअंदाज किया गया, तो यह मुद्दा आगे चलकर बड़े विवाद का रूप ले सकता है। शिक्षा और UGC जैसे विषय सीधे युवाओं, छात्रों और अभिभावकों से जुड़े हैं। यदि पार्टी के भीतर से ही इन नियमों को लेकर सवाल उठते रहे, तो विपक्ष को सरकार पर हमला करने का एक मजबूत अवसर मिल सकता है।

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पदमेश गौतम ने अपने पोस्ट में स्पष्ट किया कि सवाल उठाना विरोध नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक जिम्मेदारी है। यह बयान पार्टी के लिए दोधारी तलवार साबित हो सकता है। एक ओर यह भाजपा के भीतर लोकतांत्रिक सोच को दर्शाता है, वहीं दूसरी ओर यह संकेत भी देता है कि नीतियों को लेकर असंतोष अब सार्वजनिक मंच पर आने लगा है।

सूत्रों की मानें तो पार्टी नेतृत्व यह संकेत देना चाहता है कि सरकार शिक्षा में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी आशंका का समाधान संवाद के जरिए किया जाएगा। लेकिन सवाल यह भी है कि क्या केवल आश्वासन देकर अंदरखाने की इस बेचैनी को दबाया जा सकेगा, या फिर आने वाले दिनों में अन्य नेता भी इसी तरह खुलकर सामने आएंगे।

फिलहाल पदमेश गौतम की पोस्ट ने UGC जैसे नियमों को लेकर चल रही बहस को नई धार दे दी है। यह मुद्दा भाजपा के लिए एक परीक्षा बन गया है—या तो वह समय रहते संवाद और संतुलन के जरिए स्थिति को संभाले, या फिर यह अंदरूनी सवाल आने वाले समय में एक बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले लें।

माँ नर्मदा पहुँची उमरियापान, नहर बनी आस्था का मार्ग

क्षेत्र में दोहरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया नर्मदा जन्मोत्सव

कटनी। माँ नर्मदा जन्मोत्सव भले ही पूरे भारतवर्ष में हर्षोल्लास से मनाया जाता हो, लेकिन जिन क्षेत्रों तक माँ का जल पहुँचा है, वहाँ यह पर्व दोहरे उल्लास और गहरी भावनाओं का कारण बनता है। उमरियापान के लिए यह नर्मदा जयंती सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि माँ के आगमन का उत्सव, आस्था की जीत और पीढ़ियों के सपनों के पूरे होने का दिन बन चुकी है।

माँ नर्मदा केवल एक नदी नहीं, बल्कि जीवन, आस्था और संस्कारों की अमर धारा हैं। जहाँ-जहाँ उनका जल पहुँचा है, वहाँ उसने केवल धरती ही नहीं, बल्कि लोगों के मन भी सींचे हैं। नर्मदा नहर परियोजना के अंतर्गत नहर के माध्यम से कुछ वर्ष पूर्व ही माँ नर्मदा का पावन जल उमरियापान पहुँच चुका है, और उसी आशीर्वाद के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर हर वर्ष नर्मदा जयंती पर देखने को मिलता है।

नर्मदा जल के उमरियापान पहुँचते ही क्षेत्र की तस्वीर बदलने लगी। खेतों में हरियाली लौटी, किसानों के चेहरों पर उम्मीद की चमक दिखाई देने लगी। यह केवल सिंचाई का साधन नहीं रहा, बल्कि धीरे-धीरे माँ नर्मदा का स्थायी सान्निध्य बन गया, जिसने पूरे क्षेत्र को जलजीवन का भरोसा दिया।

माँ नर्मदा के जलागमन की खुशी में उमरियापान मुख्य मार्ग पर नहर किनारे भक्तजनों द्वारा भव्य माँ नर्मदा मंदिर का निर्माण कराया गया। यह मंदिर आज केवल पूजा स्थल नहीं, बल्कि उस संघर्ष, प्रतीक्षा और अटूट विश्वास का प्रतीक है, जो पीढ़ियों तक इस क्षेत्र के लोगों के मन में जीवित रहा। नर्मदा जल यहां पहुँचने के बाद से ही यहाँ हर वर्ष नर्मदा जयंती दोहरी श्रद्धा, भक्ति और भावनाओं के साथ मनाई जाती है।

25 जनवरी 2026, नर्मदा जयंती के पावन अवसर पर मंदिर परिसर में विशेष पूजन, हवन और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं की उपस्थिति, जयकारों की गूंज और धूप-दीप की सुगंध ने पूरे उमरियापान को आध्यात्मिक वातावरण से भर दिया। कई श्रद्धालुओं की आँखों में भावुकता साफ झलक रही थी—क्योंकि यह दिन उनके लिए माँ के प्रति आभार जताने का दिन था।

श्रद्धालुओं ने माँ नर्मदा को नमन करते हुए सरकार तथा नर्मदा नहर परियोजना से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों और श्रमिकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि माँ नर्मदा के जल से आज किसानों को दुगनी पैदावार का लाभ मिल रहा है और पूरा क्षेत्र समृद्धि की राह पर निरंतर आगे बढ़ रहा है।

शनिवार, 24 जनवरी 2026

कटनी - अपनों की बगावत! भाजपा मंडल अध्यक्ष ने अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा किया

UGC नियमों पर खुला विरोध, ‘काला कानून’ बताकर हटाने की मांग

कटनी। जिस पार्टी को जनता ने भारी जनादेश देकर सत्ता सौंपी, उसी पार्टी के भीतर अब बगावत की चिंगारी साफ दिखाई देने लगी है। कटनी के बड़वारा भाजपा मंडल अध्यक्ष  अनुराग गुप्ता ‘प्रिंस’ ने सार्वजनिक रूप से अपनी ही सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए UGC द्वारा लागू किए गए नियमों को पूरी तरह गलत करार दिया है।

मंडल अध्यक्ष ने दो टूक कहा कि UGC के नए नियम समाज को जोड़ने के बजाय तोड़ने का काम कर रहे हैं। उनका आरोप है कि इन नियमों से जातिगत खाई और गहरी होगी और इसका सीधा नुकसान सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों को उठाना पड़ेगा। उन्होंने इसे शिक्षा सुधार नहीं, बल्कि सामाजिक विभाजन की खतरनाक नीति बताया।


शीर्ष नेतृत्व को टैग कर सीधा संदेश

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को टैग करना यह दर्शाता है कि पार्टी के भीतर बैठे जिम्मेदार पदाधिकारी भी अब नीतियों को लेकर असहज हैं और उन्हें सुधार की सख्त जरूरत महसूस हो रही है। राजनीतिक जानकार इसे “अपनों की बगावत” के तौर पर देख रहे हैं।

सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश तब गया जब भाजपा के ही जिम्मेदार पदाधिकारी ने सरकार से इन नियमों को ‘काला कानून’ बताते हुए तत्काल हटाने की मांग कर दी। यह बयान सीधे-सीधे सरकार की नीयत और नीतियों पर सवाल खड़ा करता है।


सोशल मीडिया बना रणक्षेत्र

मंडल अध्यक्ष की पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। समर्थकों ने इसे साहसिक कदम बताया, तो कई लोगों ने सवाल उठाया कि —

❓ क्या सरकार अब अपनी ही पार्टी के कार्यकर्ताओं की बात सुनने को तैयार है?

❓ क्या सत्ता के भीतर असंतोष दबाया जा रहा है?

*सियासी हलकों में हलचल*

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कोई सामान्य विरोध नहीं, बल्कि अपनों की बगावत का संकेत है। जब संगठन का पदाधिकारी खुले मंच पर सरकार को कटघरे में खड़ा करे, तो यह संगठनात्मक असंतुलन और नीति-विरोध दोनों को उजागर करता है।

👉 क्या भाजपा नेतृत्व इस बगावत को हल्के में लेगा?

👉 या फिर UGC नियमों पर पुनर्विचार कर अपनों की नाराजगी दूर करने की कोशिश करेगा?

फिलहाल इतना तय है कि यह बगावत सत्ता के लिए असहज करने वाली है और इसके राजनीतिक निहितार्थ दूर तक जाएंगे।

नवीन नगर परिषद उमरियापान में बेशकीमती खनिज का अवैध खनन

रातों-रात धरती की कोख चीर दी गई, सैकड़ों गाड़ियों में खनिज गायब—संरक्षण के बिना असंभव

कटनी। जिले की नवीन नगर परिषद उमरियापान में खनिज माफिया ने कानून, शासन और प्रशासन — तीनों को खुलेआम चुनौती दे दी है। उमरियापान थाना क्षेत्र के ग्राम इटवा में नहर से सटी जमीन पर उच्च गुणवत्ता वाले बेशकीमती खनिज (बॉक्साइट) का अवैध उत्खनन रातों-रात भारी-भरकम मशीनों से किया गया। धरती की कोख को इस कदर नोचा गया कि करीब सैकड़ों गाड़ियों में बॉक्साइट भरकर बाहर भेज दिया गया।

यह कोई छोटी-मोटी चोरी नहीं, बल्कि सुनियोजित खनिज घोटाला है। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि इस अवैध उत्खनन को किसी स्थानीय लोगों की मिलीभगत से अंजाम दिया गया। सवाल यह है कि जब पूरी रात मशीनें गरजती रहीं, ट्रकों की कतारें दौड़ती रहीं, तब पुलिस और प्रशासन आखिर आंखें मूंदे क्यों बैठे रहे?


सबसे बड़ा और चौंकाने वाला सवाल यह है कि इतनी भारी मात्रा में खुदा बॉक्साइट आखिर किसे बेचा गया?

यह मानना नामुमकिन है कि सैकड़ों ट्रकों में खनिज निकालकर उसे चोरी-छिपे बेच दिया गया और किसी को भनक तक न लगी। बिना खरीदार, बिना तौल, बिना रॉयल्टी, बिना ट्रांजिट परमिट और बिना संरक्षण के ऐसा कारोबार किसी भी हाल में संभव नहीं।

स्पष्ट है कि यह लूट सिर्फ उत्खनन तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसके पीछे अवैध परिवहन, अवैध बिक्री और मजबूत खनिज नेटवर्क पहले से सक्रिय था। यानी मौके  से लेकर बाजार तक खनिज माफिया का पूरा तंत्र बेखौफ काम कर रहा था।

अब प्रशासन के सामने दो ही सच्चाई बचती हैं—

👉 या तो जिम्मेदार अधिकारी अक्षम और घोर लापरवाह हैं

👉 या फिर यह माना जाए कि खनिज माफिया को खुला संरक्षण प्राप्त है

❓ क्या बिना पुलिस-प्रशासन की जानकारी के सैकड़ों ट्रक खनिज लेकर निकल सकते हैं?

❓ थाना और खनिज विभाग सिर्फ कागज़ों में ही सक्रिय हैं?

❓ क्या जांच में अवैध खनन और खनिज खरीदने वाले रसूखदार चेहरे भी बेनकाब होंगे?

गश्त सिर्फ फाइलों में? पुलिस और खनिज विभाग की भूमिका संदिग्ध

जिस क्षेत्र में नियमित रात्रि गश्त और निगरानी का दावा किया जाता है, वहीं रात-रात भर मशीनें चलीं, ट्रक दौड़ते रहे और विभागीय अमला नदारद रहा।

यह गश्त ज़मीन पर ही चल रही थी क्या या फिर  फिर खनिज माफिया को पहले से “सुरक्षित रास्ता” दे दिया गया था?

कलेक्टर बताएं— इतनी बड़ी अवैध गतिविधि के बावजूद जिला प्रशासन की निगरानी व्यवस्था क्यों फेल रही?

एसपी जवाब दें— बिना पुलिस संरक्षण के क्या इतना बड़ा खनिज परिवहन संभव है?

यदि इस मामले में मशीनों की जब्ती, परिवहन मार्गों की जांच, खरीदारों की पहचान और जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मान लिया जाएगा कि उमरियापान खनिज माफिया के लिए सुरक्षित ज़ोन बन चुका है।

यह सिर्फ अवैध उत्खनन नहीं, बल्कि सरकारी संपदा की खुली लूट और प्रशासनिक तंत्र की सरेआम नाकामी का ज्वलंत उदाहरण है।

गुरुवार, 22 जनवरी 2026

जंगली सूअर शिकार के शक में हिरासत, घंटों की पूछताछ के बाद वृद्ध की मौत — परिजनों का आरोप: मारपीट व प्रताड़ना से गई जान


         जानलेवा पूछताछ? या संयोग से मौत

कटनी। कटनी वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम सिमरा निवासी 65 वर्षीय वृद्ध की वन विभाग की हिरासत में पूछताछ के बाद मौत ने पूरे तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों ने वन विभाग के कर्मचारियों पर पूछताछ के नाम पर मारपीट, मानसिक दबाव और अमानवीय व्यवहार का आरोप लगाते हुए इसे प्रताड़ना से हुई मौत बताया है। वहीं विभाग इसे महज कानूनी कार्रवाई और अचानक तबीयत बिगड़ने का मामला बताकर पल्ला झाड़ता नजर आ रहा है।

जानकारी के अनुसार सिमरा निवासी वृद्ध फूलचंद के पास से कथित रूप से जंगली सूअर का मांस बरामद होने के बाद वन विभाग ने उसे उसके पुत्र सूदीन कोल और लक्ष्मण के साथ हिरासत में लेकर जंगली सूअर के शिकार के मामले में पूछताछ शुरू की। तीनों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया, लेकिन सवाल यह है कि कानूनी पूछताछ अचानक जानलेवा कैसे हो गई?

बताया जाता है कि बुधवार को हिरासत में पूछताछ के दौरान अचानक फूलचंद की तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद वन विभाग की टीम उसे माधवनगर स्थित निजी अस्पताल लेकर पहुंची, जहां से हालत गंभीर बताकर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। देर शाम सुधार न होने पर जबलपुर रेफर किया गया, लेकिन इससे पहले ही जब वन विभाग का अमला और परिजन उसे जबलपुर ले जा रहे थे, रास्ते में उसकी मौत हो गई।

मृतक के परिजनों का आरोप है कि पूछताछ के दौरान फूलचंद के साथ बेरहमी से मारपीट की गई, उसे डराया-धमकाया गया और लगातार दबाव में रखा गया, जिससे उसकी हालत बिगड़ी और अंततः उसकी जान चली गई। परिजनों का सवाल है कि यदि पूछताछ सामान्य थी तो एक वृद्ध की हालत इतनी गंभीर कैसे हो गई कि उसे तीन अस्पतालों में घुमाना पड़ा और अंततः रास्ते में मौत हो गई?


वहीं वन विभाग की ओर से सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा जा रहा है कि वृद्ध की तबीयत अचानक खराब हुई और विभाग ने उसे समय पर इलाज दिलाने का प्रयास किया। हालांकि विभाग के इस बचाव को मृतक के परिजन मानने को तैयार नहीं हैं।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है, लेकिन बड़ा सवाल अब भी कायम है—क्या यह एक बीमारी से हुई सामान्य मौत थी या हिरासत में हुई प्रताड़ना का नतीजा? इसका जवाब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और निष्पक्ष जांच के बाद ही सामने आ सकेगा।


सोमवार, 12 जनवरी 2026

महर्षि आश्रम करौंदी में धूमधाम से मनाई गई महर्षि महेश योगी की 109वीं जन्मजयंती

करौंदी (कटनी)। महर्षि आश्रम भारत के भौगोलिक केंद्र ब्रह्मस्थान करौंदी में विश्वविख्यात योग गुरु की 109वीं जन्मजयंती “ज्ञान युग दिवस समारोह” के रूप में अत्यंत श्रद्धा, गरिमा और उत्साह के साथ मनाई गई।

कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक गुरु पूजन, दीप प्रज्वलन एवं वैदिक पंडितों द्वारा शांति पाठ के साथ हुई। अतिथियों का पारंपरिक विधि-विधान से स्वागत किया गया।

समारोह को संबोधित करते हुए आश्रम प्रभारी अरविंद सिंह ने कहा कि आज का दिन महर्षि जी के वेद ज्ञान, ध्यान, शिक्षा और संस्कृति को स्मरण करने तथा उसे अपने जीवन में आत्मसात करने का अवसर है। उन्होंने महर्षि के जीवन परिचय और उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महर्षि जी को किसी औपचारिक डिग्री की आवश्यकता नहीं थी—उनका व्यापक ज्ञान और विश्वव्यापी प्रभाव इसका प्रमाण है।
महर्षि जी का मानना था कि सारा ज्ञान हमारी चेतना में निहित है और उसी चेतना के माध्यम से ज्ञान की प्राप्ति होती है—जिसे अनेक शोधों ने प्रमाणित किया है।

अरविंद सिंह ने भावातीत ध्यान (ट्रान्सेंडेंटल मेडिटेशन) के महत्व पर बल देते हुए कहा कि इसके नियमित अभ्यास से व्यक्ति तनाव, मानसिक परेशानियों और असंतुलन से मुक्ति पा सकता है।

अतिथियों के प्रेरक उद्बोधन के पश्चात धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
इस अवसर पर सांसद प्रतिनिधि पद्मेश गौतम, भाजपा मंडल अध्यक्ष आशीष चौरसिया, समाजसेवी राजेश व्यौहार, गोविंद प्रताप सिंह, विजय दुबे, जनपद अध्यक्ष संतोष दुबे, खेल समिति अध्यक्ष आशीष जी, महर्षि वैदिक विश्वविद्यालय के प्राध्यापक मानवेंद्र पांडे, आश्रम प्रभारी रतीभान सिंह, व्यवस्था प्रभारी बलराम भारद्वाज, रामदरस यादव सहित बड़ी संख्या में स्थानीय गणमान्य नागरिक, मीडिया प्रतिनिधि, आश्रम के आचार्य एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

संदेश: ज्ञान, ध्यान और चेतना—यही है महर्षि का मार्ग, यही है ज्ञान युग का संदेश।