कटनी। शहर के प्रख्यात समाजसेवी एवं प्रतिष्ठित व्यापारी स्मृति शेष श्री सुनील रांधेलिया जी की जयंती पर 'सुनीधा फाउंडेशन' (सुनील सुधा रांधेलिया सेवा समिति) ने सेवा और समर्पण की अनूठी मिसाल पेश की। 4 अक्टूबर को फाउंडेशन ने जिला अस्पताल कटनी पहुंचकर मरीजों और उनके परिजनों के बीच फल, बिस्कुट और खाद्य सामग्री का वितरण कर उनकी जयंती को 'सेवा दिवस' के रूप में मनाया।
सोमवार, 5 अक्टूबर 2026
पिता के सेवा संकल्प को आगे बढ़ा रहा परिवार: समाजसेवी स्व. सुनील रांधेलिया की जयंती पर सुनीधा फाउंडेशन ने अस्पताल में की सेवा
गुरुवार, 25 जून 2026
हादसे के बीच मानवता की मिसाल बने विधायक, घायलों को अपनी गाड़ी से पहुंचाया अस्पताल
विलायत कला के पास ऑटो और कार की भीषण टक्कर, कई घायल
बड़वारा। बड़वारा थाना क्षेत्र अंतर्गत विलायत कला के पास गुरुवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार कार और ऑटो की आमने-सामने हुई जोरदार भिड़ंत में कई लोग घायल हो गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। राहगीरों और स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई, लेकिन घायलों की हालत देखकर हर कोई चिंतित नजर आया।
इसी बीच क्षेत्रीय विधायक धीरेन्द्र बहादुर सिंह वहां से गुजर रहे थे। हादसे की जानकारी मिलते ही उन्होंने अपनी गाड़ी रुकवाई और बिना किसी औपचारिकता के सीधे घायलों के बीच पहुंच गए। सड़क पर दर्द से कराह रहे लोगों को देखकर विधायक भावुक हो उठे और तत्काल सहायता के निर्देश दिए।
समय की नाजुकता को समझते हुए विधायक ने एम्बुलेंस का इंतजार करने के बजाय अपने निजी वाहन से ही घायलों को अस्पताल भिजवाने का निर्णय लिया। उन्होंने स्वयं व्यवस्था संभाली और यह सुनिश्चित किया कि किसी भी घायल को उपचार मिलने में देरी न हो। उनकी तत्परता के चलते घायलों को समय रहते अस्पताल पहुंचाया जा सका, जहां उनका उपचार जारी है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के बाद कुछ समय तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा, लेकिन विधायक की मौजूदगी और सक्रियता ने राहत कार्य को गति दी। स्थानीय लोगों ने कहा कि संकट की इस घड़ी में जिस संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण का परिचय विधायक ने दिया, वह एक जनप्रतिनिधि के कर्तव्य से कहीं बढ़कर था।
ग्रामीणों ने विधायक की सराहना करते हुए कहा कि आज के दौर में जब लोग हादसों को देखकर आगे बढ़ जाते हैं, तब किसी जनप्रतिनिधि का रुककर घायलों की मदद करना और उन्हें अपने वाहन से अस्पताल पहुंचाना मानवता की सच्ची सेवा है।
वहीं क्षेत्र में विधायक की इस मानवीय पहल की चर्चा क्षेत्र में होती रही। लोगों का कहना था कि सड़क पर घायल पड़े लोगों के लिए उस समय विधायक किसी जनप्रतिनिधि नहीं, बल्कि एक मददगार इंसान बनकर सामने आए।
दुर्घटना की भयावह तस्वीरों के बीच मानवता का यह दृश्य लोगों के दिलों को छू गया। संकट की घड़ी में बढ़ाया गया मदद का एक हाथ कई जिंदगियों के लिए उम्मीद बन गया।
कटनी को मिलेगा पासपोर्ट सेवा केंद्र? हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से मांगा जवाब, एक सप्ताह की मोहलत
जबलपुर/कटनी। कटनी जिले में पासपोर्ट सेवा केंद्र की स्थापना की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। न्यायालय ने केंद्र सरकार को निर्देश दिए हैं कि वह एक सप्ताह के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत करे। मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि मामले में अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा।
कटनी के नागरिकों की वर्षों पुरानी मांग
जनहित याचिका (WP 24323/2025) कटनी के समाजसेवी दिव्यांशु (अंशु) मिश्रा द्वारा अधिवक्ता योगेश सोनी एवं आर्यन उरमलिया के माध्यम से दायर की गई है। याचिका में बताया गया है कि कटनी प्रदेश का प्रमुख औद्योगिक, खनिज और व्यापारिक जिला होने के साथ-साथ देश का महत्वपूर्ण रेलवे जंक्शन भी है, लेकिन यहां आज तक पासपोर्ट सेवा केंद्र या पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र स्थापित नहीं किया गया।
इसके कारण जिले के हजारों लोगों को पासपोर्ट बनवाने या उससे जुड़े कार्यों के लिए जबलपुर, सतना और अन्य जिलों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
युवाओं, छात्रों और वरिष्ठ नागरिकों को सबसे ज्यादा परेशानी
याचिका में कहा गया है कि पासपोर्ट सेवा केंद्र के अभाव का सबसे अधिक असर छात्रों, विदेश में रोजगार की तैयारी कर रहे युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग पर पड़ रहा है। उन्हें अतिरिक्त समय, धन और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
सांसद भी उठा चुके हैं मुद्दा
याचिका में यह भी उल्लेख किया गया कि कटनी में पासपोर्ट सेवा केंद्र की स्थापना के लिए पूर्व में केंद्र सरकार को कई अभ्यावेदन दिए जा चुके हैं। क्षेत्रीय सांसद द्वारा भी विदेश मंत्रालय को पत्र लिखकर मांग की गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।
हाईकोर्ट ने दिया अंतिम अवसर
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को मामले में विस्तृत जवाब दाखिल करने का अंतिम अवसर देते हुए एक सप्ताह के भीतर प्रत्युत्तर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। अब अगली सुनवाई केंद्र सरकार के जवाब के बाद होगी।
‘समय की मांग है पासपोर्ट सेवा केंद्र’
याचिकाकर्ता दिव्यांशु मिश्रा (अंशु) का कहना है कि तेजी से विकसित हो रहे कटनी जिले में पासपोर्ट सेवा केंद्र की स्थापना अब समय की आवश्यकता बन चुकी है। इससे जिले के लाखों नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा और उन्हें पासपोर्ट संबंधी कार्यों के लिए दूसरे शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
शनिवार, 6 जून 2026
मध्यप्रदेश राज्यसभा नामांकन पर बवाल: अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज का भाजपा पर बड़ा हमला
‘वोट हमारे, प्रतिनिधित्व किसी और का!’: एक दशक से राज्यसभा में ब्राह्मण चेहरा न होने पर भड़का गुस्सा, नेतृत्व से मांगा जवाब
विशेष संवाददाता, भोपाल
मध्यप्रदेश से राज्यसभा के लिए भाजपा द्वारा घोषित उम्मीदवारों के नामों के बाद प्रदेश में एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज ने उम्मीदवारों की सूची पर खुलकर नाराजगी जताते हुए भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। समाज का कहना है कि भाजपा लगातार ब्राह्मण समाज की राजनीतिक उपेक्षा कर रही है और उसे केवल वोट बैंक व संगठन की रीढ़ तक ही सीमित कर दिया गया है।अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष पुष्पेंद्र मिश्रा ने तीखा हमला बोलते हुए कहा:
> "जनसंघ के दौर से लेकर भाजपा को खड़ा करने और उसे इस मुकाम तक पहुँचाने (विस्तार देने) में ब्राह्मण समाज की हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका रही है। लेकिन आज बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि उसी समाज को राजनीतिक प्रतिनिधित्व के मामले में पूरी तरह हाशिये पर धकेला जा रहा है।"
“क्या राज्यसभा के योग्य नहीं कोई ब्राह्मण नेता?”
पुष्पेंद्र मिश्रा ने पार्टी आलाकमान से तीखा सवाल पूछा कि आखिर पिछले एक दशक से मध्यप्रदेश में ब्राह्मण समाज से किसी भी चेहरे को राज्यसभा में प्रतिनिधित्व के योग्य क्यों नहीं समझा जा रहा है?
उन्होंने याद दिलाते हुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी, लक्ष्मीनारायण शर्मा, रघुनंदन शर्मा, प्रभात झा और शिवप्रताप शुक्ल जैसे दिग्गज नेताओं की विरासत को अब पार्टी में नजरअंदाज किया जा रहा है। समाज ने आश्चर्य व्यक्त किया कि डॉ. नरोत्तम मिश्रा, अनूप मिश्रा और सुरेश पचौरी जैसे बेहद अनुभवी और कद्दावर नेताओं को भी राज्यसभा के लिए उपयुक्त नहीं माना गया।
“वोट दो, काम करो... लेकिन सम्मान नहीं?”
ब्राह्मण समाज ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि भाजपा, जिसे कभी 'ब्राह्मण-वैश्य समन्वय' की पार्टी माना जाता था, अब इस वर्ग को केवल चुनाव में वोट देने और संगठन के जमीनी कार्यों तक सीमित रख रही है। जब सम्मान और वास्तविक राजनीतिक भागीदारी (टिकट वितरण) का समय आता है, तब समाज को दरकिनार कर दिया जाता है।
मिश्रा ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी भरे लहजे में कहा:
स्वाभिमान सर्वोपरि:"ब्राह्मण समाज किसी पद का भूखा नहीं है, लेकिन लगातार हो रहे इस अपमान और उपेक्षा को अनंतकाल तक स्वीकार नहीं किया जाएगा। समाज के स्वाभिमान की भी एक सीमा होती है।"
राष्ट्रहित बनाम उपेक्षा: समाज ने हमेशा राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है, लेकिन लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी बड़े वर्ग की लगातार उपेक्षा स्वीकार्य नहीं हो सकती।
राजनीतिक गलियारों में हलचल, भाजपा से मांगा स्पष्ट जवाब
अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज ने अब भाजपा के केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व से मांग की है कि वह मध्यप्रदेश में ब्राह्मण समाज के घटते राजनीतिक ग्राफ और प्रतिनिधित्व पर अपना रुख स्पष्ट करे। साथ ही, भविष्य में इस असंतुलन को सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए।
राज्यसभा चुनाव के नामांकन के ठीक पहले उठे इस सुर ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। अब देखना यह होगा कि क्या भाजपा इस अंदरूनी नाराजगी को गंभीरता से लेते हुए डैमेज कंट्रोल की कोशिश करेगी, या फिर यह सुलगता विवाद आगामी चुनावी समीकरणों पर भारी पड़ेगा? फिलहाल, ब्राह्मण समाज के इस तीखे रुख ने भाजपा खेमे में हलचल तेज कर दी है।
गुरुवार, 4 जून 2026
बाड़ी में उगा रहा था गांजा, माधवनगर पुलिस ने 6.6 किलो हरे गांजा पौधों के साथ बुजुर्ग को दबोचा
कटनी। जिले में नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना माधवनगर पुलिस ने अवैध गांजा की खेती करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से करीब 6 किलो 600 ग्राम वजन के हरे गांजा के पौधे जब्त किए हैं। आरोपी अपनी खेत-बाड़ी में गांजा उगाकर नशे के कारोबार की तैयारी कर रहा था।
पुलिस के अनुसार 31 मई 2026 को अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चल रही कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम को सूचना मिली कि गैतरा निवासी सोनेलाल पटेल (68 वर्ष) अपनी बाड़ी में गांजा के पौधे लगा रखा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। अचानक पुलिस को देखकर आरोपी घबरा गया और भागने का प्रयास करने लगा, लेकिन पुलिस ने उसे घेराबंदी कर पकड़ लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपनी बाड़ी में गांजा के पौधे लगाए जाने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने वैधानिक प्रक्रिया का पालन करते हुए खेत-बाड़ी में लगे गांजा के पौधों को उखाड़कर जब्त किया। जब्त पौधों का कुल वजन लगभग 6 किलो 600 ग्राम पाया गया।
पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार किया और न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के आदेश पर आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल भेज दिया गया है। मामले की विवेचना जारी है।
सीएसपी नेहा पच्चीसिया ने क्या कहा
नगर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जिले में नशे के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, बिक्री और खेती करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा तथा पुलिस की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका
कार्रवाई में थाना प्रभारी माधवनगर निरीक्षक के नेतृत्व में उप निरीक्षक राजेश बागरी, प्रधान आरक्षक शोभनाथ शर्मा, आशीष श्रीवास तथा आरक्षक राकेश साहू और उमाकांत तिवारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
नशे के खिलाफ जारी रहेगा अभियान
माधवनगर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि कहीं भी अवैध मादक पदार्थों की बिक्री, तस्करी या खेती की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले को नशा मुक्त बनाने के लिए ऐसे तत्वों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
मंगलवार, 2 जून 2026
सिंहस्थ-2028 की तैयारियों में जुटी कटनी पुलिस, 6 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ
करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर अभी से शुरू हुई तैयारी, डीआईजी अतुल सिंह ने दिए दक्षता बढ़ाने के निर्देश
कटनी। वर्ष 2028 में उज्जैन में आयोजित होने वाले विश्व प्रसिद्ध सिंहस्थ महापर्व को लेकर मध्यप्रदेश पुलिस ने अभी से कमर कस ली है। करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण जैसी बड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए कटनी पुलिस द्वारा 6 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ किया गया।
जिला मुख्यालय में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ जबलपुर रेंज के डी आई जी अतुल सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सिंहस्थ जैसे विशाल धार्मिक आयोजन में पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका से अवगत कराया गया।
डीआईजी अतुल सिंह ने कहा कि सिंहस्थ केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि दुनिया के सबसे बड़े आध्यात्मिक आयोजनों में से एक है, जहां देश-विदेश से करोड़ों लोग पहुंचते हैं। ऐसे आयोजन में कानून-व्यवस्था बनाए रखना, भीड़ नियंत्रण करना, यातायात को सुचारू रखना और श्रद्धालुओं को हर संभव सहायता उपलब्ध कराना पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है। उन्होंने प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने और व्यवहारिक दक्षता विकसित करने पर विशेष जोर दिया।
पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने बताया कि प्रशिक्षण शिविर का उद्देश्य पुलिस बल को भविष्य की चुनौतियों के लिए पहले से तैयार करना है, ताकि सिंहस्थ के दौरान आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित वातावरण और सम्मानजनक व्यवहार मिल सके।
टीओटी मॉडल पर होगा प्रशिक्षण
यह पूरा प्रशिक्षण कार्यक्रम ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स (TOT) मॉडल पर आधारित है। शिविर में प्रशिक्षित होने वाले मास्टर ट्रेनर्स आगे जिले के अन्य पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्धारित मॉड्यूल के अनुसार प्रशिक्षण देंगे। इसके लिए विस्तृत प्रशिक्षण कैलेंडर और दिशा-निर्देश भी तैयार किए गए हैं।
इन विषयों पर मिलेगा विशेष प्रशिक्षण
- यातायात एवं रूट प्रबंधन
- भीड़ नियंत्रण तकनीक
- आवासीय एवं लॉजिस्टिक व्यवस्था
- आपदा एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया
- श्रद्धालुओं से संवाद कौशल
- सॉफ्ट स्किल्स एवं जनसंपर्क
- सेवा भाव आधारित पुलिसिंग
कार्यक्रम मैं पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
सिंहस्थ-2028 में सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर मध्यप्रदेश पुलिस की यह शुरुआती तैयारी बताती है कि प्रशासन इस बार किसी भी चुनौती को हल्के में लेने के मूड में नहीं है।
अपराध, भ्रष्टाचार और अनुशासन पर सवालों के बीच कटनी पहुंचे DIG अतुल सिंह ; कटनी में चर्चा—क्या सब कुछ वास्तव में 'ऑल इज़ वेल' है?
लेकिन इस निरीक्षण और जारी प्रेस विज्ञप्ति के बीच कटनी शहर में एक अलग ही चर्चा सुनाई दे रही है। चर्चा उन सवालों की, जो बीते कुछ समय से जिले में बढ़ती आपराधिक घटनाओं, विभागीय अनुशासन और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों को लेकर लगातार उठ रहे हैं।
बीते दिनों शहर में चाकूबाजी, मारपीट और कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली घटनाओं ने आम नागरिकों के मन में असुरक्षा की भावना पैदा की है। ऐसे माहौल में जब प्रेस नोट में सब कुछ व्यवस्थित और नियंत्रण में दिखाई देता है, तब आमजन यह सवाल पूछने लगे हैं कि आखिर जमीनी हकीकत और सरकारी रिपोर्टों के बीच इतना अंतर क्यों दिखाई देता है?
इतना ही नहीं, पुलिस महकमे के भीतर अनुशासन और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों को लेकर भी चर्चाओं का बाजार गर्म है। कुछ मामलों में त्वरित और कठोर कार्रवाई हुई, तो कुछ अन्य मामलों में कार्रवाई की गति और स्वरूप को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। यही वजह है कि विभाग के भीतर और बाहर 'दोहरी नीति' की चर्चाएं भी सुनाई देने लगी हैं।
जनचर्चा यह है कि यदि अनुशासन और भ्रष्टाचार के मामलों में एक समान मानक लागू हो रहे हैं, तो फिर कार्रवाई को लेकर बार-बार प्रश्न क्यों खड़े हो रहे हैं? क्या सभी मामलों को समान गंभीरता से देखा जा रहा है, या फिर कुछ मामलों में कठोरता और कुछ में नरमी दिखाई दे रही है?
कटनी के पूर्व पुलिस कप्तान रह चुके और जिले की नब्ज़ से भलीभांति परिचित डीआईजी अतुल सिंह से लोगों को उम्मीद थी कि वे केवल रजिस्टर और फाइलों की समीक्षा तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि उन सवालों पर भी स्पष्ट संदेश देंगे जो इन दिनों आमजन के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं।
शहर में लोग व्यंग्य करते हुए कह रहे हैं कि निरीक्षण में फाइलें व्यवस्थित मिलीं, रजिस्टर दुरुस्त मिले, परिसर साफ-सुथरा मिला और दिशा-निर्देश भी जारी हो गए। लेकिन आम नागरिक आज भी यह जानना चाहता है कि आखिर बढ़ते अपराध, विभागीय विवादों और कार्रवाई को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब कौन देगा?
क्योंकि जनता के लिए कानून-व्यवस्था का आकलन रजिस्टरों की लिखावट से नहीं, बल्कि सड़कों पर महसूस होने वाली सुरक्षा से होता है।
सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या कटनी में वास्तव में सब कुछ ठीक है, या फिर कागजों पर 'ऑल इज़ वेल' और जमीनी स्तर पर 'ऑल इज़ क्वेश्चन मार्क' की स्थिति बनी हुई है?
शनिवार, 30 मई 2026
कटनी पुलिस में 'पिक एंड चूज' की नीति? 500 रुपये की वसूली पर 'फिल्मी एक्शन', हजारों की डिमांड पर 'सिस्टम' मौन!
स्टेट 24 न्यूज/कटनी-
"भैया… जेब में वजन हो तभी थाने की चौखट लांघना..."
कटनी जिले में यह जुमला अब कोई दबी जुबान में नहीं, बल्कि चौक-चौराहों पर सरेआम गूंज रहा है। कानून सबके लिए बराबर होता है, यह बात किताबों तक तो ठीक है, लेकिन कटनी पुलिस की मौजूदा कार्यप्रणाली को देखकर जनता पूछ रही है— क्या जिले में दो अलग-अलग संविधान चल रहे हैं?
कप्तान के बदलने के बाद से ही जिले के थानों का मिजाज बदला-बदला नजर आ रहा है। आरोप हैं कि अब न्याय की तराजू पर पीड़ित का दर्द नहीं, बल्कि उसकी 'पहुंच और पॉकेट' का वजन तौला जा रहा है। हालिया दो घटनाओं ने पुलिस महकमे के दोहरे मापदंड को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है।
मामला नंबर 1: बहोरीबंद में 'सिंघम' स्टाइल एक्शन, TI नपे!
कुछ दिनों पहले बहोरीबंद थाने के अंतर्गत एक आरक्षक पर भूसा गाड़ियों से 500-500 रुपये की अवैध वसूली का आरोप लगा। फिर क्या था? पुलिस महकमे ने किसी बॉलीवुड फिल्म की तरह स्क्रिप्ट तैयार की।
एक्शन: एसडीओपी स्तर की अधिकारी खुद कई किलोमीटर दूर 'रेड' मारने पहुंचीं।
दिखावा: आरक्षक को रंगे हाथों पकड़ा गया, बकायदा प्रेस विज्ञप्ति जारी हुई और 'जीरो टॉलरेंस' का ढिंढोरा पीटा गया।
नतीजा: 'कमांड एंड कंट्रोल' की थ्योरी के तहत थाना प्रभारी अखिलेश दहिया की जवाबदेही तय हुई और उन्हें तत्काल लाइन अटैच कर दिया गया।
जनता की सोच: वाह भाई वाह! लगा कि कानून का इकबाल बुलंद है। लेकिन यह उत्साह ज्यादा दिन नहीं टिका।
मामला नंबर 2: स्लीमनाबाद में 'हजारों की डिमांड', TI,SDOP पर मेहरबानी क्यों?
अब जरा दूसरी तस्वीर देखिए। ताजा मामला स्लीमनाबाद थाने का है। कार्यवाहक उपनिरीक्षक (SI) संतोष बड़गैया पर आरोप लगा कि उन्होंने एक पीड़ित से सिर्फ आवेदन की पावती (Receipt) देने के बदले हजारों रुपये की मोटी रकम मांग ली।
घबराए पीड़ित ने दोस्त जरिए सीधे पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा तक बात पहुंचाई। मामला बढ़ा, तो रस्म अदायगी करते हुए SI को सस्पेंड कर लाइन हाजिर कर दिया गया।
लेकिन असली खेल यहीं से शुरू होता है...
जब थाने के भीतर यह सौदा हो रहा था, तब **थाना प्रभारी (TI) साहब वहीं मौजूद थे।
हद तो यह है कि जिस डिवीजन में यह थाना आता है, उसी डिवीजन की एसडीओपी का कार्यालय भी महज चंद कदमों की दूरी पर है।
जनता के तीखे सवाल: साहब, आपकी 'कानून की किताब' में दो नियम क्यों?
स्टेट 24 न्यूज के जरिए कटनी की जनता पुलिस प्रशासन से सीधे ये 3 सुलगते सवाल पूछ रही है:
1.भेदभाव क्यों?
जब 500 रुपये की आरक्षक की वसूली पर बहोरीबंद के थाना प्रभारी को लाइन अटैच किया जा सकता है, तो स्लीमनाबाद में TI और sdop कार्यालय की नाक के नीचे हजारों की डिमांड होने पर उन पर आंच क्यों नहीं आई?
2.चेहरा देखकर कार्रवाई?
क्या पुलिस महकमे में 'अपनों पर रहम और गैरों पर सितम' की नीति चल रही है? क्या कार्रवाई का पैमाना अपराध नहीं, बल्कि चेहरा देखकर तय होता है?
3.अफसरों को छूट क्यों?
स्लीमनाबाद मामले में संबंधित एसडीओपी की जिम्मेदारी क्यों तय नहीं की गई, जबकि उनका दफ्तर थाने के बिल्कुल करीब है?
🤫 'नो कमेंट्स' के पीछे छिपी चुप्पी!
भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार 'सख्त' संदेश देने का दावा करने वाले पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा की साख भी अब इन विरोधाभासी कार्रवाइयों से कटघरे में है।
इस पूरे दोहरे रवैये पर जब 'स्टेट 24 न्यूज' ने पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा का पक्ष जानने की कोशिश की, तो साहब ने इस विषय पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
कप्तान साहब की यह चुप्पी अपने आप में कई अनकहे जवाब दे रही है। एक तरफ 'जीरो टॉलरेंस' का फिल्मी प्रचार और दूसरी तरफ अपनों को बचाने का ये कथित 'सिस्टम'... कटनी पुलिस की यह थ्योरी जनता के गले नहीं उतर रही है। अब देखना यह है कि पुलिस महकमा इन तीखे सवालों का जवाब किसी निष्पक्ष कार्रवाई से देता है, या फिर 'रसूखदारों' को बचाने का यह खेल यूं ही जारी रहेगा।
मंगलवार, 26 मई 2026
कटनी में सांप्रदायिक तनाव की आहट: महाराणा प्रताप पर कथित अभद्र टिप्पणी से भड़का हिंदू समाज, करणी सेना ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
“सनातन के अपमान पर सड़कों पर उतरा समाज”… आरोपी पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो होगा बड़ा आंदोलन
कटनी। शहर और ग्रामीण अंचल में एक बार फिर धार्मिक भावनाओं से जुड़ा मामला तूल पकड़ता नजर आ रहा है। महाराणा प्रताप जयंती के मौके पर कथित अभद्र टिप्पणी, सनातन धर्म और हिंदू समाज के खिलाफ अमर्यादित भाषा के आरोपों ने जिले का माहौल गर्मा दिया है। मामले को लेकर श्री राजपूत करणी सेना और हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश फूट पड़ा है। सोमवार को बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समाजजन सड़कों पर उतर आए और पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर आरोपी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।
मामला रंगनाथ थाना क्षेत्र के बरगवां गांव से जुड़ा बताया जा रहा है, जहां औरंगजेब उर्फ आमिर मंसूरी पर आरोप है कि उसने महाराणा प्रताप को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की और सनातन धर्म पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। विरोध करने पहुंचे युवकों के साथ कथित मारपीट और सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की धमकी देने के आरोप भी लगाए गए हैं।
“आरोपी खुलेआम घूम रहे, पुलिस क्यों नरम?”
करणी सेना ने पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल खड़े करते हुए आरोप लगाया कि शिकायत के कई दिन बाद FIR दर्ज की गई, लेकिन मामले की गंभीरता के बावजूद कठोर धाराएं नहीं जोड़ी गईं। संगठन का कहना है कि पुलिस की ढिलाई से आरोपियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं और हिंदू समाज में गहरा आक्रोश फैल रहा है।
करणी सेना जिला अध्यक्ष सूर्यपाल सिंह सोनू सोलंकी ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन उग्र होगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
घर, वाहन और कथित अवैध कारोबार की जांच की मांग
ज्ञापन में आरोपियों की संपत्तियों, वाहनों और कथित अवैध गतिविधियों की जांच की मांग भी उठाई गई। करणी सेना का कहना है कि केवल FIR दर्ज करना पर्याप्त नहीं, बल्कि ऐसा एक्शन होना चाहिए जिससे समाज में स्पष्ट संदेश जाए।
धरना-प्रदर्शन शुरू, बढ़ सकता है विवाद
हिंदू संगठनों ने 25 मई से धरना-प्रदर्शन शुरू करने का ऐलान कर दिया है। ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में समाजजन, करणी सेना पदाधिकारी और स्थानीय युवा मौजूद रहे। पूरे घटनाक्रम के बाद इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है, हालांकि पुलिस प्रशासन हालात पर नजर बनाए होने की बात कह रहा है।
“लघु वृंदावन” में नशे का कहर… उधर पुलिस का “ऑपरेशन शिकंजा”, इधर बच्चों को बचाने रोती हुई एसपी दफ्तर पहुंचीं महिलाएं
कटनी। कभी भगवान श्री राधा-कृष्ण की भक्ति और धार्मिक आस्था के लिए पहचाने जाने वाला बांधा इमलाज गांव आज नशे के जहर से तड़प रहा है। “लघु वृंदावन” कहलाने वाले इस गांव की गलियों में अब भजन की आवाज कम और शराबियों के झगड़े ज्यादा सुनाई देने लगे हैं। गांव की मांओं की आंखों में अब अपने बच्चों के भविष्य को लेकर डर साफ दिखाई देने लगा है।
मंगलवार को रीठी थाना क्षेत्र के बांधा इमलाज से एक दर्जन से अधिक महिलाएं और ग्रामीण जनसुनवाई में एसपी कार्यालय पहुंचे। किसी की आंखों में आंसू थे, कोई गुस्से में था, तो कोई अपने बच्चों को नशे की दलदल से बचाने की आखिरी उम्मीद लेकर आया था। महिलाओं ने आरोप लगाया कि गांव में खुलेआम अवैध शराब और गांजे का कारोबार चल रहा है और युवा पीढ़ी धीरे-धीरे बर्बादी की ओर धकेली जा रही है।
फूलबाई यादव, घीसल काच्छी, लता चौधरी सहित महिलाओं ने प्रशासन से कहा —
ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायतें हुईं, छापेमारी भी हुई, लेकिन कुछ दिन बाद फिर वही शराब माफिया सक्रिय हो जाते हैं। महिलाओं ने यह तक कह दिया कि अगर सख्त कार्रवाई होती तो गांव में दोबारा शराब और गांजा बिकने की हिम्मत नहीं होती।
इसी बीच कटनी पुलिस जिलेभर में “ऑपरेशन शिकंजा” चलाकर शराब माफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई कर रही है। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में पूरे जिले में एक साथ रेड कार्रवाई की गई, जिसमें 64 शराब कारोबारियों पर आबकारी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज हुए। पुलिस ने 207.31 लीटर अवैध शराब जब्त कर करीब 78 हजार 950 रुपये की शराब बरामद की।
बांधा इमलाज की महिलाएं अब सिर्फ छापेमारी नहीं चाहतीं… वे अपने बच्चों का बचपन वापस मांग रही हैं। क्योंकि यह लड़ाई सिर्फ शराब बंद कराने की नहीं, बल्कि एक पूरे गांव को बर्बादी से बचाने की है।
“आज बच गया…” धमकी देने वाला युवक चढ़ा बिलहरी पुलिस के हत्थे, जंगल से गिरफ्तार होकर पहुंचा जेल 🚨
कटनी। जिले में गंभीर अपराधों पर शिकंजा कसने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत बिलहरी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। हत्या के प्रयास के मामले में फरार चल रहे आरोपी को पुलिस ने देर रात जंगल में घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त छुरा भी बरामद किया गया है।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जिलेभर में गंभीर अपराधों के आरोपियों की धरपकड़ तेज की गई है। इसी कड़ी में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक , नगर पुलिस अधीक्षक तथा थाना प्रभारी कुठला निरीक्षक राजेंद्र मिश्रा के मार्गदर्शन में बिलहरी चौकी पुलिस ने यह कार्रवाई की।
पुलिस के अनुसार 25 मई 2026 को फरियादी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह ग्राम बड़खेरा स्थित अपने खेत से घर लौट रहा था। इसी दौरान रास्ते में आरोपी प्रहलाद पटेल उर्फ पला ने उसे गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर आरोपी ने जान से मारने की नीयत से फरियादी के पेट पर छुरे से हमला कर दिया। बचाव करने के दौरान उसकी जांघ में भी गंभीर चोट आई।
बताया गया कि आरोपी ने दोबारा हमला करने की कोशिश की, लेकिन मौके पर मौजूद राजेंद्र और संदीप पटेल ने बीच-बचाव कर फरियादी की जान बचाई। घटना के बाद आरोपी धमकी देते हुए मौके से फरार हो गया।
एफआईआर दर्ज होते ही बिलहरी पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी। आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर कनकी जंगल की ओर भाग गया था। पुलिस टीम ने देर रात तक जंगल में लगातार सर्चिंग की और काफी मशक्कत के बाद आरोपी को पकड़ लिया। पूछताछ के बाद घटना में इस्तेमाल किया गया छुरा भी बरामद कर लिया गया। आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
इस पूरी कार्रवाई में चौकी प्रभारी बिलहरी उप निरीक्षक सुयश पाण्डेय सहित आर. व्यास गुप्ता, भारत विश्वकर्मा, संतोष प्रजापति, आरक्षक सौरभ जैन, लव उपाध्याय, दिल्केश्वर सिंह, संदीप भलावी, विकास तथा सैनिक धनेंद्र त्रिपाठी की सराहनीय भूमिका रही।
सोमवार, 25 मई 2026
आर्यिकाओं की मौत पर भड़का जैन समाज, कटनी में उबाल
धरने पर बैठे समाजजन, विधायक संदीप श्रीप्रसाद भी पहुंचे समर्थन में; कलेक्टर को बुलाने की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी
कटनी। रीवा जिले में कुछ दिन पूर्व हुए भीषण सड़क हादसे में जैन समाज की दो आर्यिकाओं की दुखद मृत्यु के बाद पूरे प्रदेश में आक्रोश का माहौल है। सोमवार को कटनी में भी जैन समाज का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दिया, जब बड़ी संख्या में समाजजन पैदल जुलूस निकालते हुए थाना तिराहा पहुंचे और वहां प्रदर्शन सभा आयोजित की।
समाजजनों का उद्देश्य जिला प्रशासन के माध्यम से शासन तक अपनी भावनाएं और मांगें पहुंचाना था, लेकिन जब ज्ञापन लेने के लिए प्रशासन की ओर से एसडीएम प्रमोद चतुर्वेदी पहुंचे, तो प्रदर्शनकारी नाराज हो गए। जैन समाज का कहना था कि इतने संवेदनशील मामले में स्वयं कलेक्टर को उपस्थित होकर ज्ञापन लेना चाहिए था।
कलेक्टर के मौके पर नहीं पहुंचने से नाराज समाजजनों ने थाना तिराहे पर चक्काजाम कर धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। समाज के लोगों ने साफ कहा कि जब तक कलेक्टर स्वयं मौके पर नहीं पहुंचेंगे, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
धरने में शामिल लोगों ने कहा कि आर्यिकाओं की मृत्यु ने पूरे जैन समाज को गहरे आघात पहुंचाया है और प्रशासन को इस मामले में संवेदनशीलता दिखाते हुए गंभीर कदम उठाने चाहिए।
इस दौरान मुड़वारा विधायक भी जैन समाज के समर्थन में धरना स्थल पहुंचे और समाजजनों के साथ सड़क पर बैठकर आंदोलन में शामिल हुए। विधायक ने समाज की भावनाओं का समर्थन करते हुए प्रशासन से तत्काल संवाद स्थापित करने की मांग की।
थाना तिराहा क्षेत्र में सड़क जाम होने से यातायात प्रभावित रहा। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा और देर शाम तक प्रदर्शनकारी कलेक्टर के आने की मांग पर अड़े रहे।
कटनी में लगातार दूसरी बड़ी रेड: पहले माधवनगर, अब बस स्टैंड चौकी क्षेत्र के गुप्ता भोजनालय पर नगर पुलिस अधीक्षक का एक्शन
कटनी। शहर में बढ़ती अवैध गतिविधियों, शराबखोरी और आपराधिक घटनाओं के बीच नगर पुलिस अधीक्षक लगातार एक्शन मोड में नजर आ रही हैं। हाल ही में माधवनगर थाना क्षेत्र में कार्रवाई के बाद अब बस स्टैंड चौकी इलाके में स्थित गुप्ता भोजनालय पर देर रात पुलिस ने दबिश देकर शराबखोरी की शिकायत को सही पाया।
जानकारी के अनुसार पुलिस को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि बस स्टैंड चौकी के समीप संचालित भोजनालय में लोगों को बैठाकर खुलेआम शराब पिलाई जा रही है। आरोप था कि यहां देर रात तक असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगता है, जिससे क्षेत्र का माहौल खराब हो रहा है और विवाद की स्थिति बनती रहती है।
शिकायत के आधार पर सीएसपी ने पुलिस टीम के साथ देर रात रेड कार्रवाई की। इस दौरान यातायात थाना प्रभारी निरीक्षक भी मौजूद रहे। जांच के दौरान पुलिस ने कुछ लोगों को भोजनालय परिसर में शराब पीते हुए पाया। मौके से शराब की खाली बोतलें भी बरामद हुईं। पुलिस ने मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ की और संचालक को सख्त चेतावनी दी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से इस तरह की गतिविधियां चल रही थीं, लेकिन कार्रवाई नहीं होने से असामाजिक तत्वों के हौसले बढ़ते जा रहे थे। नागरिकों ने यह भी बताया कि हाल ही में इसी इलाके में चाकूबाजी जैसी गंभीर घटना भी सामने आई थी, जिसके बाद से लोगों में भय और नाराजगी का माहौल है।
लगातार दूसरी बड़ी रेड के बाद शहर में चर्चा तेज हो गई है कि पुलिस अब अवैध शराबखोरी और असामाजिक गतिविधियों पर सख्त रुख अपनाने के मूड में है। पुलिस अधिकारियों ने साफ कहा है कि सार्वजनिक स्थानों, ढाबों और भोजनालयों में अवैध रूप से शराब पिलाने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और नियम तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बहोरीबंद में आधी रात भीषण हादसा: शॉर्ट सर्किट के बाद फटा गैस सिलेंडर, मकान ढहा, लाखों का नुकसान
ग्राम पंचायत बासन की घटना, बाहर सो रहा था परिवार इसलिए टला बड़ा हादसा; विधायक प्रणय प्रभात पांडे ने तत्काल सहायता का दिया भरोसा
कटनी। जिले की बहोरीबंद तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत बासन में सोमवार देर रात एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां शॉर्ट सर्किट से लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। आग की चपेट में आने के बाद घर में रखा घरेलू गैस सिलेंडर जोरदार धमाके के साथ फट गया, जिससे मकान का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और पूरे घर का सामान जलकर राख हो गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बासन निवासी रज्जू यादव के घर में रात करीब 2 बजे अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ। चिंगारी से लगी आग तेजी से पूरे मकान में फैल गई। आग बुझाने का प्रयास किया जा रहा था, तभी घर में रखा एलपीजी सिलेंडर तेज धमाके के साथ फट गया। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि आसपास का इलाका दहल उठा और मकान का एक हिस्सा भरभराकर गिर गया।
खुले में सो रहा था परिवार, बाल-बाल बची जान
गर्मी अधिक होने के कारण घटना के समय परिवार के सभी सदस्य घर के बाहर खुले आसमान के नीचे सो रहे थे। अचानक धमाके और आग की लपटें उठते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि परिवार के सदस्य समय रहते सुरक्षित दूरी पर थे, जिससे जनहानि नहीं हुई और एक बड़ा हादसा टल गया।
अनाज, कपड़े और दस्तावेज जलकर खाक
घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। हालांकि तब तक घर में रखा अनाज, कपड़े, जरूरी दस्तावेज और गृहस्थी का लगभग पूरा सामान जल चुका था। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार पीड़ित परिवार को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। घटना के बाद गांव में दहशत और चिंता का माहौल बना हुआ है।
पीड़ित परिवार की मदद को आगे आए विधायक
घटना की जानकारी मिलते ही बहोरीबंद विधायक ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए तत्काल ₹25 हजार की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की बात कही। भोपाल में मौजूद विधायक ने फोन पर जानकारी देते हुए कहा कि पीड़ित परिवार तक जल्द राहत पहुंचाई जाएगी तथा शासन स्तर से मिलने वाली हर संभव सहायता दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
स्थानीय लोगों ने विधायक द्वारा त्वरित सहायता और संवेदनशीलता दिखाने पर आभार व्यक्त किया है।
शनिवार, 23 मई 2026
“आखिर और कितने लोगों के खून के प्यासे हैं सट्टा और शराब माफिया?”
कटनी में बेलगाम माफियाराज! चाकूबाजी, सट्टा, शराब और चोरी से दहला शहर — 24 घंटे में चाकूबाजी की तीसरी घटना, पुलिस पर उठे सवाल
कटनी जिले में लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाओं ने कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालात यह हैं कि शहर के बाजार, कॉलोनियां और सार्वजनिक इलाके अब अपराधियों के लिए सुरक्षित ठिकाना बनते जा रहे हैं, जबकि आम जनता भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर है।
ताजा मामला शहर के सबसे व्यस्त सब्जी मंडी क्षेत्र का है, जहां दिनदहाड़े प्रशांत सोनी पिता विष्णू सोनी (उम्र लगभग 40 वर्ष) पर धारदार चाकू से हमला कर दिया गया। बीच बाजार हुए इस हमले से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। गंभीर रूप से घायल प्रशांत को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक इस हमले में बुच्चड़, उसकी दो बहनें, एक भांजा और दो अन्य साथी शामिल बताए जा रहे हैं। पुराने विवाद और कहासुनी के बाद मामला खूनी संघर्ष में बदल गया। पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
लेकिन बड़ा सवाल सिर्फ इस वारदात का नहीं है। चिंता इस बात की है कि पिछले 24 घंटे में चाकूबाजी की यह तीसरी घटना सामने आई है। आखिर कटनी में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद क्यों हैं? क्या बदमाशों में पुलिस का खौफ खत्म हो चुका है?
शहर में लगातार बढ़ रहे जुए, सट्टे और अवैध शराब कारोबार को लेकर भी जनता के बीच भारी आक्रोश है। कुछ दिन पहले दुबे कॉलोनी क्षेत्र में माधवनगर पुलिस ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा पकड़ा था, लेकिन उसके बाद भी जिले में सट्टा कारोबार खुलेआम संचालित होने की चर्चाएं थम नहीं रही हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर सट्टा माफियाओं पर इतनी नरमी क्यों?
स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब कॉम्बिंग गश्त की रात ही चोर मोबाइल दुकान में लाखों की चोरी कर फरार हो जाते हैं। इससे लोगों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या अपराधियों को पुलिस की गतिविधियों की पहले से जानकारी मिल जाती है, या फिर अपराधियों को किसी संरक्षण का भरोसा है?
अब उंगलियां सीधे जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर उठने लगी हैं। शहर में लगातार बढ़ रही आपराधिक गतिविधियों के बावजूद आखिर ऐसा कौन सा दबाव है जिसके चलते सख्त और प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आ रही? जनता यह सवाल भी पूछ रही है कि यदि जिले में एक ईमानदार पुलिस कप्तान की पदस्थापना के बाद भी खुलेआम जुआ, सट्टा और अवैध कारोबार संचालित हो रहे हैं, तो आखिर संरक्षण किसका है?
कटनी में बढ़ती हिंसा और अपराधों के बीच अब यह सवाल भी गूंजने लगा है —
“आखिर और कितने लोगों के खून के प्यासे हैं सट्टा और शराब माफिया?”
क्योंकि अब मामला सिर्फ अवैध कारोबार का नहीं रह गया, बल्कि इन कारोबारों से जुड़ी हिंसा सीधे लोगों की जान लेने पर उतारू दिखाई दे रही है। युवा पीढ़ी बर्बादी की ओर धकेली जा रही है और शहर का माहौल लगातार असुरक्षित होता जा रहा है।
बुजुर्गों की कही एक पुरानी कहावत इन दिनों कटनी की गलियों में फिर सुनाई देने लगी है —
“कथरी ओढ़ के गुड़ खा रहे हैं क्या जिम्मेदार?”
शुक्रवार, 22 मई 2026
इन सड़क परियोजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों की वर्षों पुरानी मांग पूरी होगी और आवागमन के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य एवं व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
स्वीकृत सड़कें एवं लागत
- कछारी से झांपी — 126.83 लाख
- सलैया से ठुटिया — 171.89 लाख
- देवरी हटाई रोड से बछौली — 187.06 लाख
- मझगवां (NH-43) से बंजारी टोला — 47.94 लाख
- बरछेका से नया टोला — 134.34 लाख
- परसेल (डुढहा) से बिजौरी — 153.85 लाख
- बिचुआ रोड से भलवारा — 417.59 लाख
- बिचुआ से उचहरा टोला — 88.17 लाख
ग्रामीणों द्वारा लंबे समय से इन मार्गों के निर्माण की मांग की जा रही थी। सड़क स्वीकृति के बाद क्षेत्र में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों ने सांसद हिमाद्री सिंह एवं केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है।
बस स्टैंड चौकी में श्रमिक से मारपीट: दो पुलिसकर्मी निलंबित, अब चौकी प्रभारी की भूमिका पर खड़े हुए सवाल
कटनी : बस स्टैंड चौकी में एक श्रमिक के साथ कथित मारपीट और अवैधानिक रूप से निरुद्ध किए जाने का मामला अब पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल बनता जा रहा है। प्रारंभिक जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर आरक्षक क्रमांक 694 अनमोल कुमार एवं कार्यवाहक सहायक उपनिरीक्षक बाल गोविंद प्रजापति को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर रक्षित केंद्र संबद्ध कर दिया गया है।
मामला तब सामने आया जब हिरवारा कौड़िया निवासी श्रमिक अविनाश प्रजापति ने शिकायत दर्ज कराई कि बिना किसी प्राथमिक तस्दीक और वैधानिक प्रक्रिया के उसे चौकी में बैठाकर मारपीट की गई। जांच में पुलिसकर्मियों द्वारा गंभीर असंवेदनशीलता, पद के दुरुपयोग और आमजन के प्रति अनुचित व्यवहार की पुष्टि प्रथम दृष्टया सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक ने कार्रवाई करते हुए नगर पुलिस अधीक्षक को निष्पक्ष जांच सौंपी है।
यदि यह सब चौकी प्रभारी की जानकारी के बिना हुआ, तो यह उनकी निगरानी व्यवस्था और अधीनस्थों पर नियंत्रण की विफलता दर्शाता है। और यदि जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई नहीं रोकी गई, तो मामला केवल लापरवाही नहीं बल्कि संरक्षण देने की आशंका भी पैदा करता है।
थाना हो या चौकी — वहां होने वाली हर गतिविधि की जवाबदेही अंततः प्रभारी अधिकारी की मानी जाती है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि क्या विभाग केवल अधीनस्थ कर्मचारियों पर कार्रवाई कर मामले को सीमित करना चाहता है, या फिर नेतृत्व स्तर तक भी जवाबदेही तय होगी?
पुलिस अधीक्षक द्वारा चौकी प्रभारी की भूमिका की जांच कराने के निर्देश दिए जाने के बाद अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है। जनता के बीच चर्चा है कि यदि एक श्रमिक के साथ चौकी में ऐसा व्यवहार हो सकता है, तो आम नागरिक पुलिस व्यवस्था पर कितना भरोसा करे?
मंगलवार, 19 मई 2026
मिशन चौक से बरंगवा रोड बना ‘जाम कॉरिडोर’ — सीवर लाइन प्रोजेक्ट ने थाम दी शहर की रफ्तार
एम्बुलेंस जाम में कैद, जनता बेहाल और जिम्मेदार सायरन बजाकर निकाल रहे रास्ता… आखिर व्यवस्था संभालेगा कौन?
कटनी। मिशन चौक ब्रिज से लेकर बरंगवा रोड तक इन दिनों शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई नजर आ रही है। सीवर लाइन प्रोजेक्ट के नाम पर चल रही अव्यवस्थित खुदाई और बिना प्लानिंग के हो रहे निर्माण कार्य ने पूरे मार्ग को “जाम कॉरिडोर” में तब्दील कर दिया है। हालत यह है कि रोजाना हजारों लोग घंटों जाम में फंसकर परेशान हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब भी केवल औपचारिकताओं में उलझा दिखाई दे रहा है।
सुबह से देर रात तक सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें आम दृश्य बन चुकी हैं। मरीजों को लेकर जा रही एम्बुलेंस जाम में सायरन बजाती रह जाती हैं, स्कूली बच्चे धूल और खतरे के बीच निकलने को मजबूर हैं, वहीं नौकरीपेशा और व्यापारी वर्ग रोजाना अव्यवस्था की मार झेल रहा है।
विडंबना यह है कि जिन अधिकारियों के जिम्मे व्यवस्था सुधारने की जिम्मेदारी है, वे खुद सायरन बजाकर अपना रास्ता साफ कर निकल जाते हैं। आम नागरिकों के लिए न कोई व्यवस्थित डायवर्जन है, न अतिरिक्त ट्रैफिक बल और न ही ऐसा कोई ठोस प्लान, जिससे लोगों को राहत मिल सके। ऐसा महसूस होने लगा है कि सिस्टम के लिए वीआईपी मूवमेंट ज्यादा जरूरी है, जनता की परेशानी नहीं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि करोड़ों रुपये के इस प्रोजेक्ट में न सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा है और न ही चरणबद्ध कार्ययोजना दिखाई दे रही है। सड़क किनारे फैली निर्माण सामग्री, अधूरी खुदाई और अव्यवस्थित बैरिकेडिंग हर पल दुर्घटना का खतरा बढ़ा रही है।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर जब वरिष्ठ अधिकारी स्वयं इस अव्यवस्था का सामना कर चुके हैं, तब भी हालात सुधारने के लिए सख्त और प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए जा रहे? क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे के बाद ही जागेगा?
शहरवासियों का कहना है कि विकास कार्यों से किसी को आपत्ति नहीं, लेकिन यदि विकास के नाम पर जनता की जिंदगी ही थम जाए तो ऐसे प्रबंधन पर सवाल उठना स्वाभाविक है। अब समय केवल निरीक्षण और सायरन का नहीं, बल्कि जमीन पर दिखने वाली ठोस व्यवस्था का है, ताकि मिशन चौक से बरंगवा रोड तक राहत लौट सके और शहर फिर से सामान्य रफ्तार पकड़ सके।
शनिवार, 16 मई 2026
भाजपा प्रशिक्षण वर्ग में ‘राष्ट्रवाद’ से ‘सोशल मीडिया’ तक मंथन, नेताओं ने कार्यकर्ताओं को दिया संगठन विस्तार का मंत्र
कटनी में भाजपा का दो दिवसीय वैचारिक महाकुंभ शुरू, अनुशासन और संगठन शक्ति का दिखा प्रदर्शन
कटनी। भारतीय जनता पार्टी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान के तहत कटनी में दो दिवसीय आवासीय जिला प्रशिक्षण वर्ग का शुभारंभ कर संगठनात्मक मजबूती, वैचारिक स्पष्टता और राष्ट्रवाद के एजेंडे को धार देने की कोशिश की। होटल सत्कार में शुरू हुए इस प्रशिक्षण वर्ग में सांसद, विधायक, प्रदेश पदाधिकारी और जिलेभर के कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम में भाजपा का अनुशासन, संगठन शक्ति और वैचारिक एकजुटता साफ दिखाई दी।
कार्यक्रम की शुरुआत वर्ग गीत और वंदे मातरम् से हुई। इसके बाद भारत माता, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्रों पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन कर प्रशिक्षण वर्ग का विधिवत शुभारंभ किया गया। मंच पर खजुराहो सांसद , प्रदेश मंत्री , प्रदेश कोषाध्यक्ष , जिलाध्यक्ष समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा ने हमेशा राष्ट्रवाद और अंत्योदय को केंद्र में रखकर राजनीति की है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकारें अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक विकास पहुंचाने के संकल्प पर काम कर रही हैं और कार्यकर्ताओं को कर्तव्यबोध के साथ समाजसेवा को राजनीति का आधार बनाना चाहिए।
जिलाध्यक्ष दीपक टण्डन ने प्रशिक्षण वर्ग को संगठन की “वैचारिक रीढ़” बताते हुए कहा कि ऐसे वर्ग कार्यकर्ताओं को सिर्फ राजनीतिक नहीं बल्कि वैचारिक रूप से भी मजबूत बनाते हैं। उन्होंने अनुशासन और समर्पण के साथ प्रशिक्षण लेने का आह्वान किया।
वरिष्ठ नेता डॉ. विनोद गोंटिया ने पूर्ववर्ती सरकारों पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि राष्ट्रवादी विचारधारा ने हर बार विभाजनकारी राजनीति को जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा आज पंडित दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सिद्धांतों पर चलते हुए देशभर में सुशासन का मॉडल स्थापित कर रही है।
प्रशिक्षण वर्ग के विभिन्न सत्रों में “विचार प्रवाह”, “एकात्म मानव दर्शन”, “सांस्कृतिक राष्ट्रवाद”, “सोशल मीडिया की भूमिका” और “मीडिया प्रबंधन” जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रदेश मंत्री लोकेंद्र पराशर ने कहा कि भाजपा परिवारवाद नहीं बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और शोषणमुक्त समाज की स्थापना के लिए कार्य करने वाला संगठन है।
जबलपुर मध्य के विधायक ने कार्यकर्ताओं को बेहतर श्रोता बनने और संवाद कौशल विकसित करने की सीख दी। वहीं अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि भाजपा की विचारधारा भले 1980 में राजनीतिक रूप से स्थापित हुई हो, लेकिन उसकी राष्ट्रवादी सोच सदियों पुरानी है।
प्रदेश सह मीडिया प्रभारी ने मीडिया की भूमिका पर चर्चा करते हुए कहा कि संगठनात्मक गतिविधियों और सकारात्मक कार्यों को प्रभावी तरीके से जनता तक पहुंचाना जरूरी है। वहीं सोशल मीडिया प्रभारी अमन शर्मा ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जिम्मेदार उपयोग पर जोर दिया।
प्रशिक्षण वर्ग में एक और संदेश खास आकर्षण का केंद्र बना। प्रधानमंत्री के ईंधन बचत अभियान से प्रेरित होकर कई नेता मोटरसाइकिल, ईवी ऑटो और दोपहिया वाहनों से कार्यक्रम स्थल पहुंचे। सांसद विष्णुदत्त शर्मा और विधायक प्रणय पांडे सहित कई नेताओं ने ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। महापौर ईवी ऑटो से कार्यक्रम में शामिल हुईं।
भाजपा का यह प्रशिक्षण वर्ग केवल राजनीतिक गतिविधि नहीं बल्कि संगठन विस्तार, वैचारिक मजबूती और आगामी चुनावी रणनीति की जमीन तैयार करने वाला मंच भी माना जा रहा है। रविवार को विभिन्न विषयों पर अंतिम सत्रों के साथ प्रशिक्षण वर्ग का समापन होगा।
कटनी में ‘खौफ’ की रात: इन्द्रानगर में मामूली विवाद पर चली चाकू, कानून व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल
सड़क पर बहा खून, बदमाश बेखौफ… आखिर किसके भरोसे सुरक्षित है शहर?
कटनी। कुठला थाना क्षेत्र का इन्द्रानगर शनिवार देर रात उस वक्त दहशत में बदल गया, जब कुत्तों को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद खूनी चाकूबाजी में तब्दील हो गया। बीच सड़क हुए इस हमले ने न सिर्फ इलाके में सनसनी फैला दी, बल्कि शहर की कानून व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक सरला नगर निवासी उत्तम लौहार अपने साथियों के साथ बाइक से जा रहा था। इसी दौरान इन्द्रानगर गली नंबर-3 में विवाद शुरू हुआ। पहले गाली-गलौज हुई, फिर मारपीट और देखते ही देखते बदमाशों ने चाकू निकाल लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हमला बेहद आक्रामक था और ऐसा लग रहा था मानो हमलावर किसी भी कीमत पर युवक को छोड़ना नहीं चाहते थे।
घटना के बाद कुठला पुलिस ने आरोपी और को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल चाकू जब्त करने का दावा भी किया है।
लेकिन असली सवाल गिरफ्तारी नहीं, बल्कि उस “बेखौफ अपराधी मानसिकता” का है जो लगातार शहर में बढ़ती नजर आ रही है। अगर आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से मौजूद था, तो आखिर वे खुलेआम हथियार लेकर घूम कैसे रहे थे? क्या पुलिस की निगरानी सिर्फ फाइलों तक सीमित रह गई है?स्थानीय लोगों का कहना है कि इन्द्रानगर, शंकर टाकीज और आसपास के इलाकों में रात होते ही असामाजिक तत्व सक्रिय हो जाते हैं। कई जगहों पर देर रात तक हुड़दंग और विवाद आम बात बन चुके हैं, लेकिन पुलिस गश्त अक्सर नदारद दिखाई देती है। यही वजह है कि अब छोटी-छोटी कहासुनी भी सीधे जानलेवा हमलों में बदलने लगी है।
शहर में यह चर्चा भी तेज है कि पुलिस हर बड़ी घटना के बाद “त्वरित कार्रवाई” का दावा जरूर करती है, लेकिन अपराध रोकने की जमीनी तैयारी आखिर कहां है? अगर समय रहते बदमाशों पर सख्ती और निगरानी होती, तो शायद यह खूनी वारदात टाली जा सकती थी।
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