बेखौफ लुटेरे: शहर के बीचों-बीच फर्जी अफसर बन ट्रक रोका, 35 हजार की डिमांड; कारोबारी से अभद्रता कर दी थाने ले जाने की धौंस
कटनी। संस्कारधानी कटनी में कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाते हुए एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस और प्रशासन की सतर्कता पर कालिख पोत दी है। शहर के सबसे व्यस्ततम गर्ग चौराहे पर आधी रात को कुछ रसूखदार युवकों ने खुद को माइनिंग विभाग का बड़ा अधिकारी और पुलिसकर्मी बताकर रेत से भरे ट्रकों को न केवल रोका, बल्कि कार्रवाई का डर दिखाकर **35 हजार रुपए** की अवैध वसूली की मांग कर डाली।
वर्दी की धौंस और वसूली का 'शॉर्टकट'
रविवार की रात करीब 12:30 बजे जब पूरा शहर गहरी नींद में था, तब गर्ग चौराहे पर 'फर्जी सिंघम' सक्रिय थे। मैहर की ओर से आ रहे एक 10 चक्का हाइवा को इन युवकों ने बीच सड़क पर रोक लिया। खुद को माइनिंग विभाग का सर्वेयर बताते हुए आरोपियों ने ओवरलोडिंग और टीपी (TP) जांच के नाम पर ट्रक चालक को धमकाना शुरू किया। जब चालक डरा नहीं, तो आरोपियों ने अपनी औकात बदलते हुए सीधे 35 हजार रुपए की मांग रख दी।
कारोबारी पहुंचे तो दिखाया 'सिपाही' का रौब
सूचना मिलते ही जब खनिज कारोबारी मौके पर पहुंचे और पूछताछ की, तो इन युवकों की गुंडागर्दी और बढ़ गई। इनमें से एक युवक, जिसका नाम अंकुश शुक्ला बताया जा रहा है, उसने खुद को कोतवाली थाने का सिपाही बताते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी। आरोपियों ने खुलेआम चुनौती दी कि "गाड़ी तो थाने जाएगी और केस भी बड़ा बनेगा।"
माइनिंग विभाग के जवाब ने उड़ाई नींद
मामला तब और गंभीर हो गया जब कारोबारियों ने तुरंत माइनिंग विभाग के असली अधिकारियों को फोन लगाया। विभाग से जवाब मिला— "हमारा कोई भी दल रात में चेकिंग पर नहीं है।" इस जवाब ने साफ कर दिया कि कटनी की सड़कों पर फर्जी अफसरों का एक संगठित गिरोह सक्रिय है, जो पुलिस और माइनिंग के नाम पर सरेआम लूट मचा रहा है।
शहर के बीचों-बीच आतंक, क्या पुलिस सो रही थी?
सवाल यह उठता है कि शहर के मुख्य चौराहे पर, जहाँ पुलिस की गश्त का दावा किया जाता है, वहाँ आधे घंटे तक फर्जी अफसर वसूली करते रहे और असली पुलिस को भनक तक नहीं लगी? ट्रांसपोर्टरों का आरोप है कि यह गिरोह कई दिनों से सक्रिय है और कई ट्रक चालकों से हजारों रुपए ऐंठ चुका है।
जांच में जुटी पुलिस: अब एक्शन का इंतज़ार
खनिज कारोबारियों की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। संदिग्ध मोबाइल नंबरों और सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपियों की घेराबंदी की जा रही है। लेकिन इस घटना ने शहर के व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों में भारी दहशत पैदा कर दी है।






















