कटनी। जिले में कानून व्यवस्था को “चाक-चौबंद” बताने वाली कटनी पुलिस के दावों की रविवार तड़के ऐसी हवा निकली कि पूरे शहर में पुलिसिंग पर सवाल खड़े हो गए। एक तरफ पुलिस प्रेस नोट जारी कर रातभर “विशेष कांबिंग गश्त”, “सघन चेकिंग” और “अपराधियों पर शिकंजा” कसने की कहानी सुनाती रही, वहीं दूसरी ओर शहर के बीचोंबीच चोर लाखों का माल समेटकर फरार हो गए और कई इलाकों में बंद शटरों के पीछे देर रात तक शराब बिकती रही।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर पुलिस जमीन पर थी या सिर्फ कागजों और प्रेस नोटों में?
कोतवाली की नाक के नीचे 5 लाख की चोरी
कटनी शहर के सबसे संवेदनशील माने जाने वाले कोतवाली थाना क्षेत्र के बरही रोड स्थित अग्रवाल मोबाइल शोरूम में रविवार तड़के करीब 4 बजे बदमाशों ने धावा बोल दिया। चोर इतनी सफाई से दुकान के भीतर घुसे कि किसी को भनक तक नहीं लगी।
बदमाश करीब 50 महंगे स्मार्टफोन पार कर ले गए, जिनकी कीमत लगभग 5 लाख रुपये बताई जा रही है। चोर इतने शातिर थे कि मोबाइल के डिब्बे दुकान में ही खोलते गए और सिर्फ हैंडसेट लेकर फरार हो गए ताकि ज्यादा माल कम समय में समेट सकें। दुकान के भीतर बिखरे खाली बॉक्स पुलिस की “रात्रि सुरक्षा व्यवस्था” पर करारा तमाचा बन गए।
सीसीटीवी फुटेज में करीब 6 संदिग्ध युवक नजर आए हैं, लेकिन सवाल यह है कि जब पूरे जिले में 150 से ज्यादा पुलिस बल कथित कांबिंग गश्त कर रहा था, तब कोतवाली क्षेत्र में चोर इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देकर आखिर कैसे गायब हो गए?
बंद शटर… अंदर शराब का खेल!
इधर शहर के कई हिस्सों में देर रात बंद शटरों के पीछे शराब बिकने की चर्चाएं भी जोरों पर हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रात होते ही कई स्थानों पर अवैध तरीके से शराब बिक्री शुरू हो जाती है। बाहर से दुकानें बंद दिखाई देती हैं, लेकिन अंदर से शराब का खेल चलता रहता है।
हैरानी की बात यह है कि पुलिस अपने प्रेस नोट में अवैध शराब पर कार्रवाई के दावे करती रही, लेकिन शहर में शराब माफिया बेखौफ अपना कारोबार चलाते रहे।
प्रेस नोट में “सख्ती”, जमीन पर अपराधियों की “मस्ती”
कटनी पुलिस ने दावा किया कि जिलेभर में 115 वारंटी गिरफ्तार किए गए, निगरानी बदमाशों की चेकिंग हुई, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, एटीएम और संदिग्ध स्थानों पर निगरानी रखी गई।
लेकिन उसी रात शहर में चोरी और अवैध गतिविधियों की खबरों ने पूरे अभियान की सच्चाई उजागर कर दी।
यदि पुलिस की गश्त इतनी मजबूत थी तो:
- कोतवाली क्षेत्र में लाखों की चोरी कैसे हो गई?
- बंद शटरों के पीछे शराब बिक्री क्यों नहीं रुकी?
- अपराधियों में पुलिस का खौफ आखिर क्यों नजर नहीं आ रहा?
व्यापारियों और नागरिकों में गुस्सा
लगातार बढ़ती चोरी, अवैध शराब बिक्री और अपराधों से व्यापारी और आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि यदि शहर का मुख्य बाजार और कोतवाली थाना क्षेत्र ही सुरक्षित नहीं है, तो बाकी इलाकों की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।



























