कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी संतोष नंदनवार ने बताया कि धान उपार्जन केंद्र मां स्व -सहायता समूह सीडब्ल्यूसी पहरूआ कटनी में रविवार को धान से भरा ट्रक क्रमांक एमपी 42 जी 1787 जप्त किया गया था ।जांच के बाद तथ्यों से पता चला कि धान उपार्जन केंद्र मां स्व सहायता समूह की अध्यक्ष माधुरी पाठक एवं प्रभारी रजनी पटेल से सांठगांठ कर कटनी जिले की स्थानीय किसानों के नाम से दर्ज पंजीयन में अवैधानिक तरीके से अनुचित लाभ प्राप्त करने हेतु धान को बिना वैध दस्तावेज के सतना जिले के मैहर से धान उपार्जन पोर्टल पर फर्जी प्रविष्टि हेतु मंगवाया गया था ।साथ ही उपार्जन की मात्रा बढ़ाकर कमीशन की राशि प्राप्त करने एवं समर्थन मूल्य पर क्रय-विक्रय कर भी आर्थिक लाभ प्राप्त करने का षड्यंत्र रचा गया ,जो नियमों के विरुद्ध है।
इन सभी स्थितियों के मद्देनजर मां स्व- सहायता समूह की अध्यक्ष माधुरी पाठक, प्रभारी रजनी पटेल एवं ट्रक चालक कामता प्रसाद साकेत के विरुद्ध कुठला पुलिस थाने में भारतीय दण्ड संहिता की धारा 34, 120 बी, 511, 418 एवं 420 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
दलाल, बिचौलियों और व्यापारियों पर रखें नजर
कलेक्टर अवि प्रसाद ने उपार्जन कार्य से संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि किसी भी हाल में धान उपार्जन केंद्रों में दलाल ,बिचौलियों और व्यापारियों से धान खरीदी नहीं होनी चाहिए। उपार्जन कार्य से जुड़े सभी अधिकारी और कर्मचारी इस पर कड़ी निगरानी रखें और इस प्रकार के किसी भी मामले की जानकारी मिलने पर तत्काल कार्रवाई करें। साथ ही जिन उपार्जन केंद्रों में पिछले तीन दिनों में ज्यादा धान खरीदी हो रही है, उन केंद्रों पर विशेष तौर पर कड़ी निगरानी रखी जाए।
साथ ही इन सभी को निर्देशित किया गया है कि उपार्जन केंद्रों में अंतिम समय में किसानों के स्थान पर बिचौलियों और व्यापारियों द्वारा उपज लाकर समर्थन मूल्य पर विक्रय करते हुए अनाधिकृत लाभ अर्जन का प्रयास किये जाने की जानकारी विभिन्न माध्यमों से पता चल रही है ।इसलिए ई -उपार्जन पोर्टल पर प्रदर्शित धान उपार्जन केंद्र ,जहां विगत 3 दिनों में अधिक धान खरीदी हुई है वहां वास्तविक कृषकों से एफ ए क्यू मानक की धान का उपार्जन किए जाने हेतु नोडल अधिकारी और पर्यवेक्षक अधिकारी कड़ी नजर रखें।
कलेक्टर अवि प्रसाद ने स्पष्ट हिदायत दी है कि बिचौलियों, दलालों एवं व्यापारियों से किसी भी हाल में धान उपार्जित नहीं की जाए ।किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर पर्यवेक्षण अधिकारी प्रकरण प्रस्तुत करें। साथ ही संबंधित एसडीएम भी अपने-अपने क्षेत्रों में 16 जनवरी तक उपार्जन कार्य के अंतिम दिनों तक खरीदी कार्य की सघन निगरानी करें। प्रतिदिन समीक्षा करें और इस प्रकार के कृत्यों में लिप्त तत्वों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करें।
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